आइसीएसई की स्टेट टॉपर सौम्या कृष्णात्रेय बारहवीं की पढ़ाई के बाद इंजीनियर बनना चाहती हैं

आइसीएसई की स्टेट टॉपर सौम्या कृष्णात्रेय बारहवीं की पढ़ाई के बाद इंजीनियर बनना चाहती हैं। सौम्या को पढ़ाई के साथ भरतनाट्यम व खेल का भी शौक है। वह स्कूल व अन्य स्तरों पर भी भरतनाट्यम की प्रस्तुति दे चुकी हैं।

अपने माता-पिता का नाम रोशन करने के लिए टॉप करना हर छात्र का सपना होता है। एन मैरी स्कूल की आइसीएसई की छात्र सौम्या कृष्णात्रेय ने भी 99.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्टेट टॉप किया है। जबकि वह राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे स्थान पर रही हैं। सौम्या कृष्णात्रेय का नाम सुनते ही एन मैरी स्कूल के प्रधानाचार्य व अध्यापकों के मुंह से एक ही शब्द निकला ‘ही इज आउट स्टेंडिंग चाइल्ड’ यह शब्द सौम्या की आउट स्टेंडिंग परफॉरमेंस को दर्शाता है। सौम्या एग्जाम देने के बाद कोटा (राजस्थान) में आइआइटी की कोचिंग के लिए चली गई। जहां उनकी माता शशि शर्मा भी उनके साथ हैं। जब उनसे संपर्क किया गया तो उनके परिवार को उनके टॉप करने की जानकारी नहीं थी।

हमारे द्वारा उन्हें बताया कि उनकी बेटी स्टेट टॉपर होने के साथ राष्ट्रीय स्तर पर थर्ड टॉपर है। यह सुनकर उनकी माता का खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उस समय सौम्या कोचिंग गई हुई थीं। शाम को घर लौटने पर सौम्या ने बताया कि वह बारहवीं की पढ़ाई के बाद आइआइटी जेई का एग्जाम पास करने के बाद इंजीनियर बनना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के लिए प्रेरणा उन्हें अपने पिता वन विभाग में कार्यरत नीरज कुमार शर्मा से मिलती है।

उन्होंने बताया कि उनके बड़े भाई मुकुंद कृष्णात्रेय आइआइटी रुड़की से बीटेक कर रहे हैं। बताया कि वह एग्जाम के दौरान 10 से 12 घंटे पढ़ाई करती हैं, जबकि सामान्य दिन वह पांच से छह घंटे पढ़ती हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें भरतनाट्यम, चैस व बैडमिंटन खेलना पसंद है। वह पिछले 11 सालों से भरतनाट्यम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दौरान उन्होंने ट्यूशन का सहारा नहीं लिया, हालांकि उन्होंने ट्यूशन पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ट्यूशन लेना गलत नहीं है, अगर आपको किसी विषय में कमजोरी लगती है तब आप ट्यूशन जरूर लें।

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