आंसू गैस के गोले का स्वस्थ्य पर असर जानकर रहेँगे कोसो दूर…

नागरिकता कानून और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत देश भर में हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। पुलिस उग्र प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए आंसू गैस (टीयर गैस) के गोलों को इस्तेमाल कर रही है। आंसू गैस शरीर पर गहरा असर डालती है और बहुत खतरनाक होती है। आंसू गैस के गोले दागने के बाद इससे जहरीला धुआं निकलता है और हवा में फैल जाता है। यह गैस महज 20 सेकंड में असर दिखाना शुरू कर देती है और इसकी चपेट में आने के बाद 15 मिनट तक इंसान तड़पता रहता है। आंखों में भारी जलन होती है और आंसू निकलने लगते हैं। जलन होने तथा धुएं के कारण प्रदर्शनकारियों को कुछ दिखाई नहीं देता है और उन्हें वहां से भागना पड़ता है।

आंसू गैस का साइंस

आंसू गैस में ओ-क्लोरोबेंजिलिडीन मैलोनीट्राइल (सीएस), डिबेंजोक्साजेपाइन (सीआर) और फेनासिल क्लोराइड (सीएन) होते हैं। इन कैमिकल्स को दंगा नियंत्रक एजेंट्स (आरसीए) के रूप में दुनियाभर में इस्तेमाल किया जाता है। ‘साइंटिफिक अमेरिकन’ मैग्जीन में प्रकाशित लेख के अनुसार, इन्सानों के शरीर में दर्द का अहसास करवाने वालीं दो तरह की सेल्स (कोशिकाएं) होती हैं। पहली – टीआरपीए1 और दूसरी – टीआरवीए1। दुनियाभर में इस्तेमाल होने वाली आंसू गैस इनमें से किसी एक को एक्टिव करती है। 

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सीएस गैस वास्तव में एक क्रिस्टलीय पाउडर होता है। इसे स्प्रे में बदला जाता है और एक छोटे विस्फोटक से साथ ग्रेनेड में भरा जाता है। जैसे ही यह ग्रेनेड फेंका जाता है, गैस बाहर निकलती है। यह केमिकल पहली बार 1928 में वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना द्वारा व्यापक रूप से इस्तेमाल किया गया था।

इसलिए घातक है आंसू गैस

आंसू गैस का असर आंखों के साथ त्वचा पर भी होता है। आंखों तथा त्वचा में जलन होने लगती है। आंसू के कारण धुंधला दिखने लगता है। इसके ज्यादा असर से इन्सान अंधा भी हो सकता हैं। आंसू गैस श्वसन तंत्र को भी प्रभावित करती है। इसके कारण नाक तथा सांस नली में जलन होती है, बार-बार छींक, खांसी और उल्टी आती है, दम घुटने लगता है और असहनीय पीड़ा होती हैं। दम घुटने से मौत भी हो सकती है। फेफड़े खराब हो सकते हैं। गर्भवती महिलाएं इस गैस के संपर्क में आएं तो उन्हें गर्भपात हो सकता है। 

आंसू गैस की चपेट में आ जाएं तो करें ये उपाय

यदि आशंका है कि आप टीयर गैस की चपेट में आ सकते हैं तो मुंह को पूरी तरह से ढंक लें। त्वचा को भी जितना हो, अधिक से अधिक कवर कर लें। जिन लोगों को अस्थमा की शिकायत हैं, वे इससे दूर रहें। आंसू गैस का हमला होने पर आंखें न खोलें। कोशिश करें कि किसी ऊंचाई वाले स्थान पर चले जाएं। आंसू गैस भारी होने के कारण नीचे रहती है। तत्काल कपड़ा या रुमाल पानी से गिला कर लें और आंखों तथा मुंह पर रखें।

आंसू गैस का सबसे बड़ा तोड़ प्याज है। प्याज को दो हिस्सों में काटकर आंखों पर रख लें। आराम मिलेगा। आंखों को रगड़े नहीं। पानी से साफ करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन कुछ आंसू गैस ऐसी होती हैं, जिनमें मिर्च पावडर होता है। पानी का इस्तेमाल करते ही यह जलन बढ़ा देता है। आंसू गैस का असर खत्म करना है तो 20 मिनट तक शॉवर के नीचे खड़े हो जाएं। पूरी तरह से असर खत्म करने के लिए हो सकता है ऐसा दो बार करना पड़े। 

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