अलास्का के माउंट मैकिनले पर बड़ा हादसा

उत्तरी अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट मैकिनले को फतह करने निकले लातविया के पर्वतारोही टीम के साथ बड़ा हादसा हो गया है। पर्वत के ढलानों पर पैर फिसलने से तीन पर्वतारोहियों की खाई में गिरकर मौत हो गई, जबकि उनका एक साथी इस भयानक हादसे में चमत्कारिक रूप से बच गया।
यह टीम सात सदस्यों का था, जो बड़े हौसले के साथ इस दुर्गम चोटी को फतह करने निकला था, लेकिन बुधवार को डेनाली पास के पास इनकी खुशियों को मातम में बदल दिया।
डेनाली पास के नजदिक हुआ हादसा
नेशनल पार्क सर्विस के अनुसार, यह हादसा बुधवार को 20,310 फीट ऊंचे शिखर से करीब 2,100 फीट नीचे डेनाली पास के पास हुआ। ढलान पर संतुलन बिगड़ने से दल के चार सदस्य तेजी से नीचे की ओर फिसल गए।
गुरुवार को रेस्क्यू टीम ने 17,200 फीट की ऊंचाई पर बने एक पहाड़ी बेसिन से घायल सर्वाइवर को सुरक्षित बाहर निकाला। उसे तुरंत एयर एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
पार्क सर्विस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि अब बाकी बचे तीन पर्वतारोहियों के लिए ऑपरेशन को खोज और बचाव से बदलकर शव बहाली के काम में बदल दिया गया है। परिजनों को सूचित किए जाने के 72 घंटे बाद ही मृतकों की पहचान उजागर करने की आधिकारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
लातवियाई पर्वतारोहण समुदाय में शोक की लहर
अमेरिकी अधिकारियों ने शुरू में पर्वतारोहियों की राष्ट्रीयता का खुलासा नहीं किया था, लेकिन लातवियाई पर्वतारोहण संघ ने अपनी वेबसाइट पर इस दुखद घटना की पुष्टि की। उन्होंने इस हादसे में जान गंवाने वाले अपने तीन साथियों के नाम इनेसे पुसेका, विजा ओल्ते, और रेनार्स कुनिग्स-सालाक्स की घोषणा की है।
एसोसिएशन ने बेहद भावुक शब्दों में कहा कि यह पूरे लातवियाई पर्वतारोहण समुदाय के लिए एक ऐसा दर्द है जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। यह एक कभी न पूरी होने वाली क्षति है। संस्था ने बताया कि हादसे में जीवित बचे चौथे पर्वतारोही का नाम मार्तिन्स बिल्जेंस है और उनकी हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है।
साथियों को बचाने की कोशिश
इस हादसे का सबसे मानवीय पहलू यह रहा कि दल के बाकी बचे तीन सदस्य, जो सुरक्षित थे, वे डरकर भागे नहीं। उन्होंने तुरंत नीचे उतरकर अपने घायल और गिरे हुए साथियों की हर संभव मदद की और उन्हें संभालने के बाद ही पहाड़ पर बने सुरक्षित कैंप में वापस लौटे।
लातवियाई पर्वतारोहण संघ के मुताबिक, ये तीनों सदस्य अब रेस्क्यू टीम की मदद से 17,000 फीट की ऊंचाई से नीचे उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
स्थानीय लोग और अलास्का के मूल निवासी इस खूबसूरत पर्वत को हमेशा से डेनाली कहते आए हैं, जिसका अथाबास्कन आदिवासी भाषा में अर्थ होता है “सबसे ऊंचा। हालांकि, 1917 में अमेरिका के 25वें राष्ट्रपति विलियम मैकिनले के सम्मान में इसका नाम आधिकारिक रूप से माउंट मैकिनले रख दिया गया था।
साल 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने स्थानीय भावनाओं का सम्मान करते हुए इसका नाम बदलकर वापस डेनाली कर दिया था, क्योंकि मैकिनले कभी अलास्का नहीं आए थे। लेकिन पिछले साल, ट्रंप प्रशासन ने इस फैसले को पलटते हुए माउंट मैकिनले को एक बार फिर इसका आधिकारिक नाम घोषित कर दिया।





