योगी का चला चाबुक, शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक जागा सीएम सचिवालय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सरकार के शुरुआती दिनों में आधी-आधी रात तक मीटिंग करना, प्रजेंटेशन देखना लोग भूले नहीं होंगे। लेकिन, शुक्रवार को मुख्यमंत्री सचिवालय पूरी रात जागा। मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारी सारी रात काम करने के बाद सुबह करीब सवा पांच बजे घर गए।

सूत्रों ने बताया कि ओडीओपी समिट की वजह से पिछले कई दिनों से पूरी सरकारी मशीनरी व्यस्त थी। मुख्यमंत्री कार्यालय के अफसरों की समिट की तैयारियों पर पूरी नजर थी। शुक्रवार को समिट में राष्ट्रपति की उपस्थिति की वजह से व्यस्तता और अधिक रही।

समिट के दूसरे दिन शनिवार को मुख्यमंत्री का अति व्यस्त कार्यक्रम था। सुबह उन्हें अलीगढ़ में डिफेंस कॉरिडोर के सेमिनार में शामिल होना था और दोपहर बाद भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति के लिए मेरठ पहुंचना था।

बताया जाता है कि मुख्यमंत्री की ओर से शुक्रवार शाम कुछ ऐसी सूचनाएं मांग ली गईं जिसकी वजह से मुख्यमंत्री सचिवालय के अफसरों को पूरी रात मशक्कत करनी पड़ी। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री को मेरठ की भाजपा कार्यसमिति के दौरान उपयोग के लिए कई महत्वपूर्ण सूचनाएं चाहिए थीं। मसलन, लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिहाज से सरकार की क्या-क्या तैयारी है?

प्रत्येक विधायक और सांसद द्वारा मुख्यमंत्री को अपने-अपने क्षेत्र में कराए जाने वाले कार्यों के दिए गए मांगपत्र पर कितनी कार्यवाही हुई? आने वाले दिनों में सरकार क्या-क्या घोषणाएं करने वाली है और किन-किन प्रमुख कार्यक्रमों के एलान की तैयारी है?

अधिकारियों की सुरक्षा में मुस्तैद रहा सुरक्षा दल व सिक्योरिटी अमला

बताया जा रहा है कि प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, सचिव मुख्यमंत्री मृत्युंजय कुमार नारायण और विशेष सचिव मुख्यमंत्री सुभ्रांत शुक्ला सहित कई अधिकारी व स्टाफ शनिवार सुबह सवा पांच बजे तक मागी गई सूचनाएं व अत्यावश्यक कार्य पूरा करने में जुटे रहे। अधिकारी ‘टास्क ’पूरा करने के बाद ही अपने-अपने घरों को गए। इन अधिकारियों की सुरक्षा में एनेक्सी का सुरक्षा दल व अन्य सिक्योरिटी अमला भी मुस्तैद रहा। 
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