Yami Gautam ने ‘हक’ में इस बात को समझने के लिए चार महीने पढ़ी कुरान

बीते साल नवंबर में रिलीज हुई फिल्म ‘हक’ (Haq) में अपने शानदार अभिनय के लिए यामी गौतम (Yami Gautam) को खूब वाहवाही मिली थी। इस फिल्म में उनके अपोजिट इमरान हाशमी नजर आए थे। फिल्म में जिस तरह से यामी गौतम ने ‘शाजिया बानो’ के हाव-भाव और बोलने के लहजे को पकड़ा था, उससे फैंस काफी इम्प्रेस हो गए थे।
अब हाल ही में फिल्म ‘हक’ के निर्देशक सुपर्ण एस वर्मा ने यामी गौतम के कमिटमेंट की तारीफ करते हुए बताया है कि उन्होंने इस किरदार की बारीकियों को समझने के लिए कितने समय तक कुरान पढ़ी थी।
यामी गौतम ने फिल्म के लिए 4 महीने तक पढ़ी कुरान
हाल ही में बीबीसी एशियन नेटवर्क से बातचीत करते हुए सुपर्ण एस वर्मा ने इस फिल्म की तैयारियों को लेकर बात की। उन्होंने बताया,
“हमने इस फिल्म को बनाने से पहले इस्लामिक लॉ को समझने के लिए कम से कम एक से डेढ़ साल का समय लिया था। मैंने यामी को कुरान पढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इसकी बोली और इसके उच्चारण को सही तरीके से समझने में लगभग चार महीने का समय बिताया।”
निर्देशक ने जोर देते हुए कहा कि जिस तरह से आज के समय में गलत जानकारियां फैलाई जाती हैं, ऐसे में इस फिल्म के लिए भारी रिसर्च की बेहद जरूरत थी। उन्होंने कहा, “हर किसी के पास जानकारी है, लेकिन आपको यह नहीं पता कि वह सही है या गलत। ऐसे माहौल में मैं चाहता था कि ‘हक’ एक समझदारी की आवाज बने।”
‘हक’ में यामी गौतम ने निभाया था पावरफुल किरदार
फिल्म ‘हक’ में यामी गौतम के किरदार की बात करें तो, उन्होंने ‘शाजिया बानो’ का एक बेहद पावरफुल रोल अदा किया था। यह एक ऐसी महिला की कहानी है, जो 1970 के दशक में निजी और कानूनी चुनौतियों का डटकर सामना करती है। ‘हक’ में दिखाया गया है कि कैसे फिल्म में यामी गौतम के पति का किरदार अदा करने वाले इमरान हाशमी उनसे झूठ बोलते हैं और किसी और की शादी में जाने का बहाना देकर खुद ही दूसरा निकाह कर आते हैं।
जब वह घर में दूसरी बेगम लेकर आते हैं, तो शाजिया इसके खिलाफ आवाज उठाती है। धीरे-धीरे दोनों के रिश्ते बिगड़ते हैं और शाजिया अपने मायके लौट जाती है। इस दौरान समाज से भी उसे और उसके परिवार को काफी ताने सुनने पड़ते हैं। कुछ समय बाद उसका पति उसे आर्थिक सहायता देना भी बंद कर देता है, जिसके बाद शाजिया खुद के अधिकारों के लिए एक मजबूत कानूनी कदम उठाती है।





