BSP नेता: डराती हैं मायावती, ब्लैकमेल करने की स्क्र‍िप्ट लिखते हैं…

  • लखनऊ. बसपा से निष्कास‍ित लखनऊ के 5 बड़े नेताओं ने शुक्रवार को ज्वॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा, ”मायावती हमें डराती हैं। वो कहती हैं क‍ि यहां से बाहर जाकर कुछ भी पार्टी के लिए या मेरे खिलाफ बोला तो घर तक नहीं पहुंच पाओगे।” मायावती ने हम लोगों से कहा, ”नसीमुद्दीन 50 करोड़ का घोटाला करके गया, अकाउंट मैच नहीं हो रहा है। इसलिए सब लोग थोड़ा पार्टी फंड अरेंज कीजिए।”BSP नेता: डराती हैं मायावती, ब्लैकमेल करने की स्क्र‍िप्ट लिखते हैं...

     आगे पढ़‍िए और क्या बोले ये नेता…

    – 2017 में विधानसभा चुनाव लड़े बसपा प्रत्याशी अजय श्रीवास्तव और राजीव श्रीवास्तव ने ज्वॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मायावती पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, मायावती से डर लगने लगा था, वो जब भी बुलाती थी तो पैसों की बात करती थीं।
    – नेताओं ने कहा, एक लीडर को क्षेत्र की बातें पूछनी चाहिए। क्षेत्र में क्या माहौल है, ये जानना चाहिए। लेकिन इसके उलट मायावती हमेशा कहती थी कि हमें फील्ड के बारे में न बताओ, हमारे वोटर फिक्स हैं। तुम निश्चित तौर पर जीतोगे, लेकिन पैसे समय पर नहीं दिया तो पर्चा दाखिल नहीं कर पाओगे।
    -अजय श्रीवास्तव ने कहा, ”जब मैंने कांग्रेस छोड़कर पार्टी ज्वॉइन किया तो लगा क‍ि जीतकर विधायक बनूंगा, कुछ कर दिखाऊंगा। मैंने सतीशचंद्र मिश्रा की बातों पर विश्वास करके 2014 में बसपा ज्वॉइन किया। उनको बताया था कि मैं पैसे नहीं दे पाऊंगा। तो वो बोले-हम तुम्हारे जैसे यंग लीडरशिप को तवज्जो देते हैं। ऐसे यूथ को पार्टी खुद प्रमोट करती है, लेकिन रैलियों में तुम्हारा जलवा दिखना चाहिए। पूरे प्रदेश के नेता आते हैं। उसमें तुम्हें पहचान बनानी है। रैलियों में भीड़ कम से कम एक लाख लाओ। मैंने हां कर दी और प्रचार में जुट गया।”
    -”पूरे साल कई रैलियों में पैसा खर्च किया। चुनाव के ठीक एक महीने पहले मुझे बुलाकर कहा- बहुत बढ़िया चुनाव जा रहा है। तुम्हारी मेहनत दिख भी रही है। मैंने कहा- बस आप साथ दीजिए जीतकर आऊंगा। तो मायावती ने कहा, जल्द ही बिहार और दिल्ली में चुनाव होने वाले हैं। तुम्हारे और नौजवान प्रत्याशी भाई हैं, जो सिर्फ पैसों की वजह से कमजोर पड़ रहे हैं। उनके लिए सबको थोड़ी-थोड़ी सहायता करनी है। इसलिए तुम्हें 50 लाख देना है। अभी 25 दे दो। इस हफ्ते फिर अगले महीने 25 और दे देना, लेकिन चुनाव होने से पहले।”
    -”मैंने बहुत कहा क‍ि इतने पैसे मेरे पास नहीं हैं, लेकिन सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा राजनीति में सहायता तो करनी ही होती है। वरना टिकट कट सकता है, तुम्हारी साल भर की मेहनत बेकार हो जाएगी। पूरा जो नाम बनाया है वो बेकार हो जाएगी। बेइज्जती क्षेत्र में अलग से होगी।”
    -”तुम जानते हो कि वो किसी की नहीं सुनतीं। बस वही करेंगी जो पार्टी हित में होगा। वो पार्टी की मुखिया हैं, जहां जो प्रत्याशी कमजोर होगा, उसको पैसा भी वो ही भेजती हैं। मैं मजबूर था, मैंने कई रिश्तेदारों और दोस्तों से उधार लेकर उनको पैसा दिया। इतनी तगड़ी भाजपा लहर के बावजूद 2 लाख से ज्यादा वोट मुझे मेरी व्यक्तिगत इमेज की वजह से मिले।”

    सतीश चंद्र मिश्रा ब्लैकमेल करने की स्क्रिप्ट लिखते हैं, मायावती मुहर लगाती हैं

    – युवाओं या नेताओं को राजनीति में लाने के बहाने मायावती चुनाव को पैसे कमाने का जर‍िया बनाया है। सतीश चंद्र मिश्रा ब्लैकमेलिंग की स्क्रिप्ट लिखते हैं और मायावती उसपर मुहर लगाती हैं।
    – अजय श्रीवास्तव ने कहा, हमसे पिछले हफ्ते कहा गया कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने 50 करोड़ का घपला किया। पार्टी का अकाउंट मैच नहीं कर रहा है। अन्य राज्यों में चुनाव हैं, पैसों की जरूरत है। उसके घोटालों की भरपाई आप सबको मिलकर करनी है। इसलिए सबके हिस्से में 15-15 लाख देना है। एक हफ्ते में जमा करा दो।
    -हम लोगों ने सामने कुछ नहीं कहा और बाहर आकर पार्टी छोड़ने का निर्णय किया। 6 सितम्बर को सुबह 10 बजे इस्तीफा दे दिया। इसी वजह से उन्होंने हमें शाम 7 बजे बाहर निकालने का लेटर जारी किया। 
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