नाग पंचमी के इस विधि से करें पूजा

नाग पंचमी का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। यह दिन नाग देव की पूजा के लिए समर्पित है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल श्रावण माह के शुक्ल पक्ष के पांचवें दिन यह पर्व मनाया जाता है। इस साल यह 09 अगस्त यानी आज मनाया जा रहा है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन विधि अनुसार पूजा-पाठ करने से सुरक्षा और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
साथ ही जीवन में खुशियों का आगमन होता है, तो चलिए इस व्रत (Nag Panchami 2024) से जुड़ी कुछ प्रमुख बातों को जानते हैं।
शुभ योग
हिंदू पंचांग के अनुसार, नाग पंचमी पर सिद्धि योग दोपहर 01 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। इस मौके पर बव और बालव करण योग का निर्माण भी हो रहा है। इसके साथ ही इस शुभ अवसर पर शिववास योग का संयोग बन रहा है। इस दौरान पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होगी। साथ ही दोगुना फल मिलता है।
नाग देव मंत्र
ॐ सर्पाय नमः
सर्वे नागाः प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले।
ॐ भुजंगेशाय विद्महे, सर्पराजाय धीमहि, तन्नो नाग: प्रचोदयात्।।
नाग देव की पूजा विधि
नाग पंचमी के दिन सुबह उठकर स्नान करें। स्वच्छ वस्त्र धारण करें और अपने मुख्य द्वार के दोनों तरफ गोबर के नाग बनाएं। इसके साथ ही पूजा घर को साफ करें। फिर एक वेदी पर नाग देव की प्रतिमा स्थापित करें। उन्हें दही, दूध, दूर्वा, पुष्प, कुश, गंध, अक्षत आदि चीजें अर्पित करें।
फल, मिठाई आदि चीजों का भोग लगाएं। वैदिक मंत्रों का जाप करें। नागपंचमी कथा का पाठ करें। अंत में नाग देवता की आरती करें। पूजा में हुई गलती के लिए क्षमा-प्रार्थना करें। तामसिक चीजों से परहेज करें।





