फर्जी दस्तावेजों के सहारे सेना में नौकरी कर रहा था ये युवक, हुआ अरेस्ट, दलाल की तलाश में जुटी है ATS
लखनऊ.यूपी एटीएस ने सोमवार को एक ऐसे नेपाली युवक को अरेस्ट किया है जो फर्जी दस्तावेज बनाकर यहां सेना में नौकरी कर रहा था। जांच में तीन सैन्यकर्मी को चिन्हित किया गया है, जोकि फर्जी चरित्र प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी कर रहे हैं। इस संबंध में एफआईआर दर्ज करने के बाद एटीएस ने वाराणसी से इसे अरेस्ट किया है। जोकि गलत नाम-पते पर नौकरी कर रहा था।

39 गोरखा राइफल्स में हुआ था भर्ती…
-एटीएस आईजी असीम अरूण ने बताया, यूपी एटीएस को सूचना मिली थी कि वाराणसी में हुई सेना की भर्ती में कुछ विदेशी लोग गलत नाम और पते से भर्ती हो गए हैं।
-गोपनीय रूप से जांच की गई तो तीन नाम प्रकाश में आए, जो 39 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर वाराणसी से गोरखा राइफल्स में भर्ती हुए थे। तीनों के चरित्र प्रमाण पत्र नकली है और ये लोग किसी अन्य की पहचान पर भर्ती हो गए हैं।
-यह एक आइडेंटी थीफ का प्रकरण भी है, क्योंकि तीन में से दो व्यक्ति की पहचान के असली व्यक्ति अपने पते पर रह रहे हैं। तीसरे द्वारा प्रयोग की गई पहचान की जांच जारी है।
-अरूण असीम ने बताया, बीते एक अक्टूबर 2017 को थाना एटीएस लखनऊ में मुकदमा अपराध संख्या-14/2017 धारा 420, 467, 468, 471 भादवि पंजीकृत किया गया था। जिसकी विवेचना इंस्पेक्टर विजय मल द्वारा की जा रही है। तीनों आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य संकलन किया गया तो आरोप की पुष्टि हुई।
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-इसके बाद 16 अक्टूबर 2017 को तीनों अभियुक्तों के खिलाफ न्यायालय द्वारा एनबीडब्ल्यू जारी किया गया।
-23 अक्टूबर 2017 को दिलीप गिरि से वाराणसी में पूछताछ की गई तो उसने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उसका असली नाम विष्णु लाल भट्टाराय उर्फ जीवन क्षत्रिय पुत्र हरिलाल भट्टाराय निवासी देवड़ा-द्वितीय थाना देवड़ा जिला रूपनदेई, नेपाल है।
-उसे वाराणसी के कैंट क्षेत्र से एटीएस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है और लखनऊ न्यायालय में मंगलवार को पेश किया जाएगा। फिर उसे पुलिस रिमांड पर लिए जाने के लिए आवेदन किया जाएगा।
5 लाख रुपए देकर नेपाली ने पाई थी सेना में नौकरी
-एटीएस की पूछताछ में पकड़े गए विष्णुलाल ने बताया, एक दलाल ने उससे 5 लाख लेकर भर्ती कराया है। एटीएस ने दलाल के बारे में विस्तृत जानकारी कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
-एटीएस अफसरों ने बताया, सेना के सहयोग से शेष दो अभियुक्त शिवांश बालियान (पोस्टिंग 4/3 गोरखा राइफल बीएचयूजे) और मनोज कुमार बस्नेत (पोस्टिंग 2/3 गोरखा राइफल न्यू जलपाईगुरी बेस्ट बंगाल) जोकि अवकाश पर हैं। तलाश कर पूछताछ और अरेस्टिंग की जानी है। इनसे जानना होगा कि इनकी असली पहचान क्या है और यह क्यों फर्जी पहचान पर भर्ती हुए।





