महिलाओं को जिंदा दफना दिया जाता था…किए जाते थे ऐसे काम

दक्षिणी फ्रांस के सेंट-पॉल-ट्रोइस-चैटो में एक मकबरे से तीन कंकाल निकाले गए थे। 20 साल पहले निकाले गए यह कंकाल 5,500 साल पुराने हैं। इनसे जानकारी मिलती है कि नवपाषाण युग में एक तरह का धार्मिक अनुष्ठान किया जाता था।

प्राचीन समय में कई ऐसी प्रथाएं थीं, जिनका आज भी पालन किया जाता है। धार्मिक अनुष्ठानों में भी बलि देने की प्रथा सदियों से चली आ रही है। लगभग हर धर्म में जानवरों की बलि देने की परंपरा रही है। अब वैज्ञानिकों ने कुछ ऐसे सूबतों की खोज की है, जिनसे पता चलता है एक समय धार्मिक अनुष्ठानों में इंसानों की भी बलि दी जाती थी। सबसे हैरान वाली बात यह है कि इस दौरान औरतों को बांधकर दफनाया जाता था। उनके साथ किए जाने वाले काम के बारे में जानकर वैज्ञानिक भी हैरान हैं। यह भारत की कहानी है, बल्कि दुनिया के सबसे विकसित माने जाने देशों में ऐसी बलि दी जाती थी।

लाइव साइंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिणी फ्रांस के सेंट-पॉल-ट्रोइस-चैटो में एक मकबरे से तीन कंकाल निकाले गए थे। 20 साल पहले निकाले गए यह कंकाल 5,500 साल पुराने हैं। इनसे जानकारी मिलती है कि नवपाषाण युग में एक तरह का धार्मिक अनुष्ठान किया जाता था। इसके बाद महिलाओं को जिंदा बांधकर दफनाया जाता था। अनाज रखे जाने वाले गड्ढे में इन्हें दफना दिया जाता था। इनमें से 2 कंकालों की एक बार फिर व्याख्या की गई है। इनसे हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। इसमें बताया गया है कि महिलाओं को जानबूझकर मारा जाता था।

बेहद खास तरीके से बांधा जाता था
महिलाओं को इनकैप्रेटामेंटो नामक तरीके से बांधकर दफनाया जाता था। उनकी गर्दन को पैरों के बीच फंसा दिया जाता था और पीठ से बांधा जाता था। ऐसा करने से महिलाओं की सिर्फ कुछ घंटों में ही मौत जाती थी। कब्र में मिली तीसरी महिला की उम्र ज्यादा थी, तो हो सकता है कि उसकी मौत प्राकृतिक वजहों से हुई हो। इस महिला को बीच में दफनाया गया था।

साइंस एडवांसेज जर्नल में हाल ही में एक शोध प्रकाशित किया गया है। इसके मुताबिक, इस तरह के एक दर्जन से ज्यादा लोगों की पहचान हुई है। वैज्ञानिक मानते हैं कि यूरोप के करीब सभी देशों में लगभग 2000 साल तक यह प्रथा थी।

क्यों किया जाता था अनुष्ठान?
शोध के मुखिया और पॉल सबेटियर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक एरिक क्रुबेजी ने इस प्रथा के बारे में विस्तार से बताया है। उन्होंने बताया कि कब्र में कई कृषि उपकरणों को भी दफनाया जाता था। इसलिए प्रतीत होता है कि खेती के लिए यह अनुष्ठान किया जाता था। हो सकता है कि यह मान्यता रही हो कि इससे पैदावार अच्छी होती है।

एरिक क्रुबेजी ने बताया कि हमने पाया कि सभी कब्र के ऊपर एक लड़की की संरचना रखी गई थी, जो सूर्य की तरह दिखती है। पास में अनाज पीसने वाले कई टूटे पत्थर भी रखे थे। यह सब देखकर लगता है कि यह एक कृषि अनुष्ठान था। उन्होंने बताया कि मानव बलि के लिए चेक गणराज्य से लेकर स्पेन तक इसी तरीके का पालन किया जाता था। इन्कैप्रेटामेंटो हत्या करने का एक अनोखा तरीका है, जिसका इस्तेमाल इटली में माफिया करते हैं।

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