महिला नेता के कपड़े उतारकर पीटा, 10 दिन बाद पीड़िता ने बताया सब कुछ

मठ के अंदर कुछ लोगों ने एक महिला नेता को नग्न कर पीटा उसके बाल काटे और हाथ-पैर भी तोड़ दिए। मामले के 10 दिन बाद पीड़िता ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। 
पंजाब के बरनाला के धार्मिक स्थल पर अकाली नेत्री पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज केस की धाराओं में इजाफा किया है। पुलिस ने अपनी तफ्तीश में मामले से जुड़े वायरल वीडियो को भी शामिल किया है। पुलिस के मुताबिक मामले में आरोपियों के खिलाफ दर्ज केस में आईपीसी की 307/295-ए/एसटी/एससी एक्ट की धारा 3/1989 को भी जोड़ा गया है। उधर, अस्पताल में दाखिल पीड़िता का कहना है कि आरोपी उसके राजनीतिक करियर को खत्म करना चाहते हैं।
पीड़िता का कहना है कि सोलां वाला मठ के मंदिर के प्रति उसकी लंबे समय से आस्था रही है, फिर भी आरोपियों में शामिल महंत की पत्नी राजबिंदर कौर, उसके लड़के सोमनाथ सोना के अलावा कमलदीप शर्मा, विजय कुमार ने हाथों में कैंची, रिवाल्वर, और बेसबाल के बल्ले से उस पर हमला किया। जैसे ही वह महंत बाबा हुकम दास के साथ मंदिर में माथा टेकने दाखिल हुई, हमलावरों ने उसके साथ मारपीट शुरू दी। हमलावरों ने सोने की दो अंगूठी, सोने व चांदी की एक-एक चूड़ी, दो मोबाइल फोन, 11 हजार रुपये भी लूट लिए। जी हां, मारपीट के अलावा पीड़िता के साथ लूटपाट भी हुई है।
इसे भी पढ़े: धोनी के नाम से मशहूर क्रिकेटर विजय कुमार हत्या के आरोप में गिरफ्तार
खुद को बताया जागीर कौर की शिष्या
पीड़िता ने बताया कि उसने तीन साल पहले ही राजनीति में कदम रखा है। वह बीबी जागीर कौर की शिष्या है। जागीर कौर के सानिध्य में ही उसने सियासत में कदम रखा है। उसने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने राजनीतिक रंजिश के तहत ही हमले की घटना को अंजाम दिया। शिअद (महिला विंग) प्रदेश की उपाध्यक्ष जसविन्दर कौर शेरगिल बास्केटबॉल की खिलाड़ी रही हैं। वह शैक्षणिक तौर पर वह बीपी.एड व एमपी.एड हैं। वर्तमान में वह शारीरिक शिक्षा में पीएचडी कर रही हैं।
पीड़िता के पक्ष में खड़ी हुईं जागीर कौर
शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की पूर्व अध्यक्ष जागीर कौर का कहना है कि वह पीड़िता अनुसूचित जाति से संबंधित है। उसके साथ अमानवीय हरकत की गई। यह नारी जाति का अपमान है। हमलावरों ने एक धार्मिक स्थल की मर्यादा को भी भंग किया है। पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए श्री अकाल तख्त और अदालत तक लड़ाई लड़ी जाएगी।





