क्या पॉर्न स्टार डोनाल्ड ट्रंप के साथ अफेयर के किस्से सुनाएंगी? खुद ही कहा…

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निजी वकील ने अमेरिकी मीडिया के सामने कबूल कर लिया है कि उन्होंने साल 2016 में एक पॉर्न स्टार को 1 लाख 30 हजार डॉलर का भुगतान किया था। ट्रंप के वकील के इस बयान के बाद पॉर्न स्टार के मैनेजर गिना रॉड्रिगेज ने कहा कि ट्रंप के वकील ने पैसे देने की बात स्वीकार कर ली है, लिहाजा अब स्टॉर्मी डेनियल्स अपनी कहानी सुनाने के लिए आजाद हैं। उन पर अनुबंध तोड़ने की बात अब लागू नहीं होगी।

क्या पॉर्न स्टार डोनाल्ड ट्रंप के साथ अफेयर के किस्से सुनाएंगी? खुद ही कहा...

अमेरिकी मीडिया के मुताबिक पॉर्न एक्ट्रेस स्टॉर्मी डेनियल्स को ये भुगतान एक कांट्रेक्ट साइन करने के एवज में किया गया जिसके अनुसार वह ट्रंप और उनके बीच कथित अफेयर की चर्चा ना कर सकें। डेनियल्स ने पहली बार 2011 में एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि उनके और ट्रंप के बीच संबंध थे। ट्रंप के वकील माइकल डी कोहेन ने पहले कहा था कि ट्रंप इस बात से पूरी तरह इनकार करते हैं। 

‘मैं हमेशा ट्रंप का बचाव करूंगा’
माइकल डी कोहेन ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया, “ना तो ट्रंप की संस्था और ना ही ट्रंप के कैंपेन का स्टेफनी क्लिफोर्ड (स्टॉर्मी डेनियल्स का असली नाम) को हुए भुगतान से कोई लेना देना है और ना ही उन्होंने इस पैसे को मुझे किसी रूप में लौटाया है।”

उन्होंने कहा कि केंद्रीय चुनाव आयोग को भी उन्होंने यही बताया है। एक गैर-सरकारी संस्था ने चुनाव आयोग से इस भुगतान को लेकर शिकायत की थी कि इस भुगतान से ट्रंप के कैंपेन ने फंडिंग के नियमों को तोड़ा है।

माइकल कोहेन ने कहा, “क्लिफोर्ड को किया गया भुगतान पूरी तरह से वैध है और यह किसी भी तरह से कैंपेन फंडिंग का हिस्सा नहीं है और ना ही कैंपेन खर्च का हिस्सा है।” सीएनएन ने जब कोहेन से पूछा कि ये भुगतान क्यों किया गया तो उन्होंने बताया कि जरूरी नहीं कि अगर कोई बात सच ना हो तो वो आपको नुकसान नहीं पहुंचा सकती। मैं हमेशा ट्रंप का बचाव करूंगा।”

अभी-अभी: अमेरिका में फ्लोरिडा के एक स्कूल में गोलीबारी, 17 लोगों की मौत, हमलावर गिरफ्तार

क्या कहा था पॉर्न स्टार ने…

इनटच पत्रिका को 2011 में दिए इंटरव्यू में क्लिफोर्ड ने कहा था कि 2006 में ट्रंप और उनके बीच शारीरिक संबंध शुरू हुए थे और इससे कुछ ही वक्त पहले मेलानिया ट्रंप ने अपने बेटे बैरन को जन्म दिया था। 

ये खबर एक बार फिर जनवरी में ताजा हुई जब वॉल स्ट्रीट जर्नल अखबार ने छापा कि 2016 चुनावों से पहले क्लिफोर्ड से एक नॉन-डिस्कलॉजर एग्रीमेंट साइन करवाया गया था ताकि उन्हें इस अफेयर के बारे में बोलने से रोका जा सके। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक क्लिफोर्ड उस वक्त टेलीविजन पर ट्रंप के बारे में बात करने के लिए अमेरिकी मीडिया के संपर्क में थीं। 

 
 

You may also like

पाक ने की वर्ल्ड बैंक से शिकायत, कहा सिंधु जल संधि का उल्लंघन कर रहा भारत

पाकिस्तान के संयुक्त राष्ट्र मिशन के एक बयान