दुनिया की सबसे बड़ी रिटेलर कंपनी वालमार्ट और भारतीय ऑनलाइन बाजार मंच फ्लिपकार्ट के बीच अधिग्रहण का सौदा जल्द पक्का होने की उम्मीद है. वालमार्ट भारतीय कंपनी में 60 से 80 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने की बात कर रही और अनुमान है कि यह सौदा करीब 15 अरब डॉलर के करीब का है. मामले से जुड़े सूत्रों ने कहा कि इस सौदे के पूरा होने की घोषणा आज हो सकती है. फ्लिपकार्ट के कुछ कुछ बड़े निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे. कहा जा रहा है कि जापान की सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्प और टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट फ्लिपकार्ट में अपनी 20-20 प्रतिशत की हिस्सेदारी बेचेगी.

सूत्रों ने कहा कि वालमार्ट फ्लिपकार्ट की 60-80 प्रतिशत हिस्सेदारी ले सकती है और भारतीय कंपनी का मूल्य करीब 20 अरब डॉलर आंका जा सकता है. शोधकर्ता कंपनी सीबी इनसाइट्स ने पिछले वर्ष फ्लिपकार्ट का मूल्य करीब 12 अरब डॉलर बताया था. इस सौदे से वालमार्ट को भारत में खुदरा ऑनलाइन बाजार में अपने कदम रख्नने में मदद मिलेगी और वह यहां अमेजन के मुकाबले खड़ा होना चाहेगी.

इस बीच फ्लिपकार्ट के सह – संस्थापक सचिन बंसल के कंपनी से बाहर होने की खबरें आ रही है. रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि बंसल अपनी 5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर कंपनी छोड़ सकते हैं. हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है. सचिन बंसल ने 11 साल बिन्नी बंसल के साथ मिलकर फ्लिपकार्ट की स्थापना की थी. वर्तमान में 30 अरब डॉलर के ई – कॉमर्स बाजार पर फ्लिपकार्ट और अमेजन का नियंत्रण है. मार्गन स्टेनली ने ई – कॉमर्स बाजार के 2026 तक बढ़कर 200 अरब डॉलर हो जाने का अनुमान जताया है.

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एक नजर डालते हैं फ्लिपकार्ट के सफर पर

11 साल पहले 2007 में फ्लिपकार्ट की स्थापना सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने किया था. हालांकि ये दोनों रिश्तेदार नहीं हैं. अमेजन में जॉब के दौरान उन दोनों की दोस्ती हुई थी.

2 बेडरूम के अपार्टमेंट से फ्लिपकार्ट की शुरुआत एक ऑनलाइन बुक स्टोर के रूप में बेंगलुरु से हुई थी. इसके बाद यह देश का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स प्लेयर बन गया.

2008 में इसका पहला ऑफिस बेंगलुरु में खुला, इसके बाद 2009 में दिल्ली और मुंबई में ऑफिस खुला. अब फ्लिपकार्ट का ऑफिस 8.3 लाख स्वायर फीट में फैला हुआ है.

2011 में फ्लिपकार्ट को दो विदेशी इंवेस्टर्स का साथ मिला और इसकी ग्रोथ बढ़ने लगी.

सचिन बंसल 9 साल तक कंपनी के सीईओ रहे. 2016 में सचिन एक्जिक्यूटिव चेयरमैन बने वहीं बिन्नी बंसल ने सीईओ का पदभार संभाला.

2014 में फ्लिपकार्ट ने 300 मिलियन डॉलर में मिंत्रा को खरीदा. वहीं 2016 में 70 मिलियन डॉलर में जबॉंग को खरीद लिया.

2016 में ही फ्लिपकार्ट ने फोन-पे स्टार्टअप को खरीदा

जापान सॉफ्ट बैंक 23 से 24 प्रतिशत शेयर के साथ फ्लिपकार्ट में सबसे बड़ा इंवेस्टर है.