नवरात्रि व्रत में क्या खाएं क्या नहीं, आप भी जानें

शारदीय नवरात्रि का पर्व शुरू होने वाला है। नवरात्रि पर्व के दौरान भक्त उपवास का पालन करते हैं। नवरात्रि शब्द का शाब्दिक अर्थ नौ रातों से है। नव का अर्थ नौ, रात्रि का अर्थ रात होता है। ये नौ दिन देवी दुर्गा के नौ रुपों की पूजा करने का विधान है।

शारदीय नवरात्रि का पर्व शुरू होने वाला है। नवरात्रि पर्व के दौरान भक्त उपवास का पालन करते हैं। नवरात्रि शब्द का शाब्दिक अर्थ नौ रातों से है। नव का अर्थ नौ, रात्रि का अर्थ रात होता है। ये नौ दिन देवी दुर्गा के नौ रुपों की पूजा करने का विधान है। लेकिन इन नौ दिन घर में सात्विक भोजन ही बनना चाहिए। क्योंकि सात्विक भोजन मानसिक सेहत और ऊर्जा के लिए फायदेमंद होता है। इससे हमारी पाचन तंत्र मजबूत होता है। साथ ही मन और शरीर का संतुलन सही रहता है। नियमित रुप से सात्विक भोजन के सेवन से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। हल्का और सेहतमंद भोजन ही सात्विक भोजन होता है। यह भोजन ना अधिक मीठा और ना ही अधिक नमकीन और ना ही अधिक तीखा होता है। सात्विक भोजन मन को शांत करता है। और शरीर को शुद्ध रखता है। सात्विक भोजन में, ताजे फल, सब्जियां, हरी सब्जियां, और रेशे वाली सब्जियां आती हैं। तो आइए जानते हैं कि नवरात्रि काल में उपवास के दौरान आपको किस प्रकार का भोजन करना चाहिए।

1. फल

नवरात्रि व्रत में फलों में सेब, अनार, कीवी और मौसमी जैसे फलों का आनन्द लेने का यह सबसे अच्छा समय होता है। इन फलों के रस से आपको आवश्यक फाइवर प्राप्त होता है। आप फलों की चाट बना सकते हैं। या उन्हें दही के साथ भी खा सकते हैं।

2. सात्विक सब्जियां

नवरात्रि में उपवास के दौरान सात्विक सब्जियों का सेवन किया जाना चाहिए। तामसिक या गर्मी पैदा करने वाली सब्जियों से बचा जाना चाहिए। सात्विक सब्जियों में आलू, मीठे आलू, अरबी, खीरा, शकरकंदी, सीताफल, नीबू और पालक, तोरी, टमाटर, लौकी, ककड़ी, गाजर, कच्चा केला, कच्चा पपीता आदि व्रत में पसंदीदा सब्जियां होती हैं। आप दही के साथ में लौकी और कद्दू का रायता भी बना सकते हैं।

3. दूध का उपयोग

नवरात्रि व्रत के दौरान दूध या डेरी उत्पादों पर कोई पाबंदी नहीं है। आप दूध, दही, पनीर, देशी घी, मलाई और दूध और खोया से बने पकवान बना सकते हैं। इस दौरान घर में अपना खुद का पनीर बनाना उचित माना जाता है।

4. साबुदाना

व्रत के दौरान साबुदाने का प्रयोग जोर-शोर से किया जाता है। व्रत नवरात्रि का हो अथवा कोई और भी। साबुदाना एक ऐसा खाद्य पदार्थ है। जिसे व्रत का ही भोजन माना जाता है। साबुदाना की खिचड़ी काफी लोकप्रिय है। इसके अलावा लड्डू, हलवा आदि ऐसे आहार हैं जोकि साबुदाना के प्रयोग से ही बनाए जाते हैं। ये व्रत के दौरान पेट को भरा रखते हैं। और व्रती के शरीर में कमजोरी नहीं आने देते हैं।

5. मशाले

नवरात्रि व्रत के दौरान जहां तक मशालों का संबंध है। आप जीरा या जीरा पाउडर, काली मिर्च पाउडर, हरी इलायची, लोंग, दालचीनी पाउडर, अजवायन, काली मिर्च के टुकड़े, सूखे अनार के बीज, और जायफल का उपयोग सब्जी बनाने में कर सकते हैं। कुछ लोग ताजा धनिया, लाल मिर्च पाउडर, आमचूर पाउडर, चाट मशाला का प्रयोग करते हैं।

6. मखाना

नवरात्रि में ज्यादातर महिलाएं मखाना का सेवन करना पसंद करती हैं। क्योंकि एक तो इससे पेट भर जाता है, और दूसरे तरह के पोषक तत्व भी इससे मिल जाते हैं। मखाना व्रत और धार्मिक त्योहारों का ड्राईफ्रूट है। मखाना अखरोट और बादाम से भी अच्छा होता है। ये प्रोटीन, कार्बोहाइट्रेट, फाइबर, आयरन और जिंक का भी एक अच्छा स्त्रोत होता है। नवरात्रि व्रत में मखाना खीर बनाने के लिए भी उपयोग किया जाता है। या आप इसे भूनकर भी उपयोग में ला सकते हैं।

7. कुट्टू का आटा

कुट्टू का आटा व्रत में इस्तेमाल करने से हमारी पाचन क्रिया भी अच्छी रहती है। आप चपाती बनाने के लिए कुट्टू के आटे का प्रयोग कर सकते हैं। कूट्टू का आटा अनाज नहीं बल्कि फल से बनता है। जोकि अनाज से बेहतर है। आप इसे चपाती, पकौड़ी आदि बनाने के लिए उपयोग कर सकते हैं।

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