इन दो गांव में घुसा नर्मदा का पानी, अपनी घर-जमीन छोड़ने मजबूर हुए यहां के लोग
बड़वानी/चिखल्दा.चिखल्दा और निसरपुर का वजूद महज 30 दिन के लिए ही बचा है। नर्मदा का पानी दोनों गांवों को हर दिन जद में लेता जा रहा है। हर सुबह लोग जिनालय, शिवालय और मस्जिद जाने के बजाय नदी किनारे देखते हैं कि आज कितना पानी घुसा। नर्मदा ने कई घरों की दहलीज पर संकेत दिया है कि अब अपनी घर-जमीन छोड़ने का वक्त आ गया है। बच्चे इस त्रासदी से बेखबर हैं। महिलाओं को गृहस्थी की चिंता है। मर्द बेबस हैं कि अधेड़ उम्र में जिंदगी नए सिरे से कैसे शुरू करेंगे? चिखल्दा और निसरपुर को डूबता देखने के लिए 80 किमी से भी लोग यहां आ रहे हैं। सरदार सरोवर बांध में 138 मी. तक पानी भरना है। 133 मी. पानी पहुंचते ही गांव जलसमाधि ले लेंगे।

खेत गिरवी रख बिछाई थी पाइप लाइन
निसरपुर के रूढ़कूमल पटेल बोले- इस पानी ने बर्बाद कर दिया साहब..! खेत गिरवी रखकर 10 लाख रुपए की पाइप लाइन नर्मदा के पानी के लिए बिछाई थी। खेत डूब गया। उसका पैसा भी नहीं मिलेगा और पाइप लाइन को सर्वे में नहीं लिया। गांव के बड़े घर का पैसा सरकार ने सिर्फ सवा पांच लाख रुपए दिया। इतने पैसे में कैसे घर बनाऊं और सामान जुटाऊं? यह दोनों काम कर भी लूं तो खेती कहां करूंगा? उनके इन सवालों का जवाब किसी के पास नहीं है।
घरोंदे उजड़ रहे हैं तो दूसरी तरफ सेल्फी के दौर चल रहे
गांवों की जल समाधि के बीच भी ग्रामीणों ने कमाई का रास्ता ढूंढ लिया है। चिकल्दा के कृष्णा कुमावत कहते हैं कि दोनों गांवों की मेन रोड पर फल, कोलड्रिक्स, पापड़, पोहे, कचोरी-समोसे बेचने वाले ज्यादा आ गए हैं। जो लोग हमारी खेती, गांव, आंगन डूबते देखने आ रहे हैं, वे खाने-पीने का यह सामान खूब खरीद रहे हैंं। बाहर से आने वालों के बीच सेल्फी के दौर चल रहे हैं।
घर तोड़ो, फोटो दिखाओ फिर मिलेगा पैसा
चिखल्दा की 80 साल की गीता बाई… 200 कदम दूर पंचायत भवन तक बैठते, रुकते और हांफते पहुंची। घर का सर्वे हो गया, लेकिन पैसा आधा ही मिला। अफसर बोल रहे हैं कि अम्मा पहले घर तोड़ो और फोटो दिखाओ। तब बाकी पैसा मिलेगा। गीता बाई कंपकपाते हाथ जोड़ते हुए कह रही हैं कि घर तोड़ दूंगी तो सामान कहां ले जाऊंगी? पैसा मिल जाए तो नया तलाश लूंगी। अफसर नहीं पसीज रहे।
68 साल की कीमत सवा दो लाख आंकी
दयालसिंह रघुवंशी कहते हैं- उम्र 68 साल है। सरकार ने गांव में रहने, बूढ़ा होने तक की कीमत सवा दो लाख रुपए लगाई है। अब बोल दिया कि घर खाली करो।
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मोदी आज करेंगे सरदार सरोवर बांध का लोकार्पण
नर्मदा का जलस्तर 128.950 मीटर पर पहुंच गया है। गुजरात में सरदार सरोवर बांध का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को करेंगे। परियोजना से मप्र के 192 गांव व एक नगर धरमपुरी डूब में जा रही हैं। महाराष्ट्र के 33 गांव व गुजरात के 19 गांव डूब में जा रहे हैं। प्रदेश के 40 हजार परिवारों का पुनर्वास होना बाकी है। नर्मदा बचाओ आंदोलन प्रमुख मेधा पाटकर ने कहा कि बिना पुनर्वास सरकार डूब प्रभावितों को हटाने की कोशिश कर रही है। छोटा बड़दा में वे 37 डूब प्रभावितों के साथ जल सत्याग्रह कर रही हैं। सरदार सरोवर परियोजना से जिले के 65 गांव प्रभावित हो रहे हैं।





