त्योहार पर खरीदारी करते समय ‘वोकल फॉर लोकल’ संकल्प याद रखें, सैनिकों के लिए एक दीया जलाएं

नई दिल्ली। पीएम मोदी ने आज रविवार यानी 25 अक्टूबर को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देश को संबोधित किया। मन की बात के 70 वें कार्यक्रम में पीएम मोदी ने हर महीने के आखिरी रविवार को इस कार्यक्रम के ​जरिए देश के लोगों से सवांद करते है। इससे पहले पीएम मोदी पिछले महीने 27 तारीख को इस कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया था। पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत विजयादशमी यानि दशहरे के पर्व की ढेरों शुभकामनाएं देकर की। और पीएम मोदी ने मन 10 बड़ी बातों से देश वासियों किया संबोधित उन पर प्रकाश डालते हैं।

1- पीएम ने कहा, आज विजयादशमी यानि दशहरे का पर्व है। इस पावन अवसर पर आप सभी को ढेरों शुभकामनाएं। दशहरे का ये पर्व, असत्य पर सत्य की जीत का पर्व है, लेकिन साथ ही ये एक तरह के संकटों पर धैर्य की जीत का पर्व भी है। जब हम त्योहार की बात करते हैं, तैयारी करते हैं, तो सबसे पहले मन में यही आता है कि बाजार कब जाना है? इस बार जब आप खरीदारी करने जाएं तो ‘वोकल फॉर लोकल’ का अपना संकल्प अवश्य याद रखें। बाजार से सामान खरीदते समय हमें स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी है।

वोकल फॉर लोकल

2- उन्होंने कहा, लॉकडाउन में हमने समाज के उन साथियों को और करीब से जाना है जिनके बिना हमारा जीवन बहुत मुश्किल हो जाता। कठिन समय में ये आपके साथ थे, अब अपने पर्वों में अपनी खुशियेां में भी हमें इनको साथ रखना है। हमें अपने उन जांबाज सैनिकों को भी याद रखना है जो त्योहारों में भी सीमाओं पर डटे हैं। भारत माता की सेवा और सुरक्षा कर रहे हैं। हमें उनको याद करके ही अपने त्योहार बनाने हैं। हमें घर पर एक दीया भारत माता के इन वीर बेटे-बेटियों के सम्मान में भी जलाना है।

3- मोदी ने कहा कि आज जब हम लोकल के लिए वोकल हो रहे हैं तो दुनिया भी हमारे लोकल प्रोडक्ट की फैन हो रही है। हमारे कई लोकल प्रोडक्ट में ग्लोबल होने की बहुत बड़ी शक्ति है। खादी की लोकप्रियता तो बढ़ ही रही है साथ ही दुनिया में कई जगह खादी बनाई भी जा रही है। मेक्सिको में एक जगह है ‘ओहाका’, इस इलाके में कई गांव ऐसे हैं जहां स्थानीय ग्रामीण खादी बुनने का काम करते हैं।

4- प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली के कनॉट प्लेस के खादी स्टोर में इस बार गांधी जयंती पर एक ही दिन में एक करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी हुई। इसी तरह कोरोना के समय में खादी के मास्क भी बहुत लोकप्रियता हो रहे हैं। जब हमें अपनी चीजों पर गर्व होता है तो दुनिया में भी उनके प्रति जिज्ञासा बढ़ती है। जैसे हमारे आध्यात्म ने, योग ने पूरी दुनिया को आकर्षित किया है। हमारे कई खेल भी दुनिया को आकर्षित कर रहे हैं।

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5- उन्होंने कहा, कुछ ही दिनों बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जन्म जयंती, 31 अक्टूबर को हम सब ‘राष्ट्र्रीय एकता दिवस’ के तौर पर मनाएंगे। जरा उस लौह पुरुष की छवि की कल्पना कीजिए जो राजे-रजवाड़ों से बात कर रहे थे, पूज्य बापू के जन-आंदोलन का प्रबंधन कर रहे थे, साथ ही अंग्रेजों से लड़ाई भी लड़ रहे थे।इन सब के बीच भी उनका सेंस ऑफ ह्यूमर पूरे रंग में होता था।

6- उन्होंने कहा, केरल में जन्मे पूज्य आदि शंकराचार्य जी ने, भारत की चारों दिशाओं में चार महत्वपूर्ण मठों की स्थापना की- उत्तर में बद्रिकाश्रम, पूर्व में पूरी, दक्षिण में श्रृंगेरी और पश्चिम में द्वारका। उन्होंने श्रीनगर की यात्रा भी की, यही कारण है कि वहां एक शंकराचार्य हिल है। तीर्थाटन अपने आप में भारत को एक सूत्र में पिरोता है। ज्योर्तिलिंगों और शक्तिपीठों की श्रृंखता भारत को एक सूत्र में बांधती है। त्रिपुरा से लेकर गुजरात तक जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु तक स्थापित हमारे आस्था के केंद्र हमें एक करते हैं।

7- पीएम ने कहा, हमें निरंतर अपनी क्रिएटिविटी से, प्रेम से, हर पल प्रयासपूर्वक अपने छोटे से छोटे कामों में, ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के खूबसूरत रंगों को सामने लाना है,एकता के नए रंग भरने हैं, और, हर नागरिक को भरने हैं। क्या हम इन लोकल फूड की रेसिपी को लोकल सामग्री के नामों के साथ, ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ वेबसाइट पर शेयर कर सकते हैं? यूनिटी और इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए इससे बेहतर तरीका और क्या हो सकता है।

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8- पीएम मोदी ने कहा, साथियो, इस महीने की 31 तारीख़ को मुझे केवड़िया में ऐतिहासिक स्टेच्यू ऑफ यूनिटी पर हो रहे कई कार्यक्रमों में शामिल होने का अवसर मिलेगा। आप लोग भी जरुर जुड़ियेगा।

9- उन्होंने कहा, मेरे प्यारे देशवासियो, 31 अक्तूबर को हम ‘वाल्मीकि जयंती’ भी मनाएंगे | मैं, महर्षि वाल्मीकि को नमन करता हूँ और इस खास अवसर के लिए देशवासियों को हार्दिक शुभकामनायें देता हूँ।

10- 31 अक्तूबर को भारत की पूर्व-प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी जी को हमने खो दिया। मैं आदरपूर्वक उनको श्रद्धांजलि देता हूँ।

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