जानिए बाजार में क्यों होने लगी है 2000 के नोटों की कमी ? क्या है इस्सके पीछे चाल

आखिर बाजार में क्यों होने लगी है 2 हजार के नोटों की कमी ? क्या धीरे-धीरे गायब होने वाला है ये नोट ?
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने पिछले साल 8 नवम्बर को 500 और 1000 के नोटों पर नोट बंदी घोषणा की थी. नोट बंदी की घोषणा के बाद कुछ दिनों तक पूरे देश में नए नोट की किल्लत रही. जबकि कुछ दिनों में धीरे-धीरे नोट के किल्लत समाप्त हो गई थी. लेकिन कुछ दिनों से फिर से नए नोटों की किल्लत देखि जा रही है.

दरअसल क्या आपने कुछ समय से एक बात नोटिस की कि बाज़ार से 2000 के नोटों की धीरे-धीरे कमी होनी लगी है ? क्या सच में ही धीरे-धीरे गायब होने वाले हैं 2000 के नए नोट. बता दें कि नोटबंदी के बाद इस साल मार्च में मान लिया गया था कि देश की अर्थव्यवस्था में मुद्रा का प्रवाह सामान्य हो चूका है और 2000 के नए नोट (note) इस प्रवाह में कोई कमी नहीं आने देने वाले हैं. लेकिन पिछले कुछ दिनों से बाज़ार में बड़े नोट यानी 2000 के नोटों में धीरे-धीरे कमी आने लगी है.
ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि ये कमी किसी रणनीति के तहत बनाई जा रही है. तो आइये आपको बताते हैं सरकार की इसके पीछे क्या स्ट्रेटजी है ? हाल के दिनों में RBI की ओर से जानबुझ कर नए नोटों की सप्लाई कम हो रही है. अटकलें ये लग रही हैं कि ज्यादा वैल्यू के नोटों का सर्कुलेशन(circulation) घटाने के लिए जानबूझ कर ऐसा किया जा रहा है. मगर सूत्रों की जानकारी के मुताबिक सरकार चाहती है कि हाई वैल्यू के नोट धीरे-धीरे इकॉनमी (economy) से बाहर हो जाएँ.





