अमेरिका में पहली बार देखने को मिला बेहद दुर्लभ नजारा, जारी करनी पड़ी ये बड़ी चेतावनी

अमेरिका के जंगलों में आग लगी है. इसकी वजह से एक आग का बवंडर हाल ही में नजर आया. ये नजारा बेहद दुर्लभ होता है. अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में लॉयल्टन इलाके की यह घटना है. इसे लेकर इतिहास में पहली बार यूएस नेशनल वेदर सर्विस ने चेतावनी जारी की है. आइए जानते हैं कि आग का बवंडर किसे कहते हैं? यह कितना खतरनाक होता है? यह कैसे बनता है? 

आग के बवंडर को फायर टॉरनैडो (Fire Tornado) भी कहते हैं. आजकल इसे फायरनैडो (Firenado) भी कहा जाता है. जब चक्रवाती हवा आग की गर्मी, आग और धुएं को अपनी ओर खींचती है तब फायर टॉरनैडो बनता है. इसे देखकर ऐसा लगता है कि जमीन से आग की एक गोल घूमती हुई लहर आसमान की तरफ जा रही है. 

यह नजारा अत्यधिक दुर्लभ होता है. बेहद कम देखने को मिलता है. उत्तरी कैलिफोर्निया के जंगलों में लगी भीषण आग ही इस फायर टोर्नेडो की मुख्य वजह थी. 

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फायर टॉरनैडो बेहद गंभीर मौसम में देखने को मिलता है. यह पूरी तरह से आग से भरा होता है. इसके रास्ते में जो भी आता है वह जलकर पूरी तरह से राख हो जाता है. इससे निपटना फायरफाइटर्स के लिए भी मुश्किल होता है. 

अगर फायर टॉरनैडो के लिए सही मौसम बन जाता है तो ये आसमान में 30 हजार फीट तक जा सकती है. इस दौरान 177 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलती है, यह कई बार बढ़कर 270 किलोमीटर तक चली जाती है.

दो साल पहले 2018 में कैलिफोर्निया में ही फायर टॉरनैडो देखा गया था. तब उसने 265 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से सफर किया था.

साल 2020 में अभी तक लॉयल्टन में 20 हजार एकड़ जंगल जलकर राख हो चुके हैं. ये फायर टॉरनैडो भी इस भीषण आग, तापमान और हवा की तेज गति के मिलने से पैदा हुआ था

फायर टॉरनैडो को फायर स्वर्ल (Fire Swirl) और फायर ट्विस्टर (Fire Twister) भी कहते हैं. इसका तापमान 1090 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है.

सबसे पहली बार इसे 1871 में दर्ज किया गया था. तब इसे पेश्तिगो फायर कहा गया था. यह अमेरिका विलियम्सविले में देखा गया था. इसके बाद से जापान, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया में देखे जाने लगे. सबसे ज्यादा मामले अमेरिका में देखने को मिलते हैं.

Ujjawal Prabhat Android App Download Link
News-Portal-Designing-Service-in-Lucknow-Allahabad-Kanpur-Ayodhya

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button