उत्तराखंड: बिजली की मांग 6.2 करोड़ यूनिट, निवारण के लिए भविष्य का प्लान बनेगा

प्रदेश में लगातार बिजली की मांग 6.2 करोड़ यूनिट से ऊपर चल रही है। मांग के इस भविष्य को देखते हुए अब यूपीसीएल इसके निवारण का प्लान तैयार करेगा। वहीं, यूपीसीएल प्रबंधन ने सभी अफसरों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

शुक्रवार को राज्य में बिजली की मांग लगातार रिकॉर्ड 6.2 करोड़ यूनिट पर रही। इसके सापेक्ष विभिन्न स्रोतों से बिजली की उपलब्धता 5.2 करोड़ यूनिट है। करीब एक करोड़ यूनिट बिजली बाजार से खरीदी जा रही है। बिजली की इस मांग के बीच शुक्रवार को यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने विद्युत आपूर्ति की स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक की।

ट्रांसफार्मर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
इसमें निदेशक परिचालन से लेकर मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अन्य अधिकारी जुड़े। उन्होंने निर्देश दिए कि आपूर्ति के लिए सभी अधिकारी हाई अलर्ट मोड पर रहें। आपूर्ति सुचारू रहे इसके लिए टैप चेंजर व कैपेसिटी बैंक सुचारू रूप से काम करते रहें। यह भी सुनिश्चित करें कि ढीले बिजली कनेक्शन की मरम्मत की जाए। उन्होंने ट्रिपिंग की समस्या रोकने के लिए ओवर लोडिंग और लोड बैलेंसिंग पर विशेष बल दिया।

इसके साथ ही ये भी कहा कि 33 केवी सब स्टेशनों, एचटी लाइन, एलटी लाइनों का लगातार निरीक्षण करें और निदेशक परिचालन को रोजाना रिपोर्ट दें। सभी को अपने क्षेत्र में रहकर विद्युत आपूर्ति सुचारू रखने के निर्देश दिए। आपूर्ति बाधित होने की सूचना तत्काल मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम को देने को कहा। एमडी अनिल कुमार ने चारों धाम व हेमकुंड साहिब में सुचारू विद्युत आपूर्ति के लिए कंडक्टर, केबिल, पोल, ट्रांसफार्मर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बिजली की लगातार बढ़ रही मांग के बीच फ्यूचरिस्टिक प्लान तैयार किया जाए।

ओवर लोड की कटौती से बेहाल हुए लोग
प्रदेशभर में बिजली की भारी मांग के बीच ओवर लोड ऊर्जा निगमों के लिए मुसीबत बना है। इसके चलते दिनभर में कटौती हुई, जिससे भीषण गर्मी में लोग बेहाल रहे। हालांकि यूपीसीएल प्रबंधन का कहना है कि उपलब्धता के हिसाब से कहीं भी घोषित या अघोषित कटौती नहीं की जा रही है। जहां ओवरलोड हो जाता है, वहां लाइन खुद ट्रिप हो जाती है। उनकी टीमें लगातार आपूर्ति सुचारू रखने पर काम कर रही हैं।

Back to top button