न्यूयॉर्क. सुषमा स्वराज एक हफ्ते के दौरे पर न्यूयॉर्क पहुंच चुकी हैं। एयरपोर्ट पर यूएस में भारत के एम्बेसडर नवतेज सरना और यूएन में भारत के रिप्रेजेंटेटिव सैयद अकबरुद्दीन ने उनकी अगवानी की। 23 सितंबर को वे यूएन जनरल असेंबली (UNGA) के 72th सेशन में स्पीच देंगी। इस दौरान पाक के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ भी मौजूद होंगे। दोनों नेताओं के बीच बाइलेट्रल टॉक होगी या नहीं, ये तय नहीं है। इसके अलावा सुषमा अमेरिका में करीब 20 बाइलेट्रल और ट्राइलेट्रल मीटिंग्स में भी हिस्सा लेंगी।
सबसे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री से मिलेंगी…
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सोमवार को सुषमा की अमेरिकी विदेश मंत्री रैक्स टिलरसन और जापान के विदेश मंत्री तारो कोनो से ट्राइलेट्रल मीटिंग होगी।
– इस मीटिंग का मकसद तीनों देशों का आपसी सहयोग बढ़ाना है ताकि एशिया में चीन के साथ चल रहा तनाव कम किया जा सके।
– इसके अलावा सुषमा यूएन रिफॉर्म्स के मसले पर एक हाईलेवल मीटिंग में भी हिस्सा लेंगी। इस मीटिंग की अगुआई डोनाल्ड ट्रम्पकरेंगे।
– बता दें कि भारत उन 120 देशों में से एक है जो यूएन सेक्रेटरी जनरल के रिफॉर्म्स प्रस्तावों का समर्थन करता है।
– भारत कह चुका है कि यूएन रिफॉर्म्स में सभी मुद्दों को शामिल किया जाना चाहिए, न कि वे केवल सेक्रेटरिएट तक सिमट के रह जाएं।
20 मीटिंग में लेंगी हिस्सा
– सुषमा अमेरिका में SCO और सार्क ग्रुप मीटिंग्स के अलावा सुषमा 20 बाइ और लेट्रल मीटिंग में हिस्सा लेंगी। इसमें जी-77, SU, जी-4 और BRICS (ब्राजील, रूस, इंडिया, चीन और साउथ अफ्रीका) मीटिंग शामिल हैं।
– विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन रवीश कुमार ने बताया, “विदेश मंत्री का अमेरिका में एक हफ्ते का प्रोग्राम है। सोमवार से ही प्रोग्राम शुरू हो जाएंगे।”
– “सुषमा के दौरे की सबसे मुख्य बात को तो सभी जानते हैं, 23 सितंबर को यूएनजीए में उनकी स्पीच है। हमने विदेश मंत्री की कई बाइलेट्रल, रीजनल और ट्राइलेट्रल मीटिंग्स अरेंज की हैं, जो 20 तक हो सकती हैं।”
क्या पाक के विदेश मंत्री से मिलेंगी सुषमा?
– क्या सुषमा ख्वाजा आसिफ से मिलेंगी, इस सवाल पर रवीश कुमार ने कहा, “इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है।”
– “अगर रीजनल मीटिंग्स में पाक के विदेश मंत्री मौजूद रहते हैं, तो फिर मुलाकात संभव है। लेकिन दोनों नेताओं की बाइलेट्रल मीटिंग के बारे मुझे नहीं पता।”
पिछले साल UNGA में क्या बोली थीं सुषमा?
– 26 सितंबर, 2016 को सुषमा ने कहा था, ”21 तारीख को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने इसी मंच से दो बातें कही थीं। उन्होंने कहा था कि कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन हो रहा है। मैं इतना ही कहूंगी कि जिनके अपने घर शीशे के हों, उन्हें दूसरों के घर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए। एक बार बगल में झांककर देख लें कि क्या हो रहा है बलूचिस्तान में। वहां जो हो रहा है। वे खुद क्या कर रहे हैं वहां। मैं कहना चाहूंगी कि बलूचिस्तान में जो हो रहा है वह यातनाओं की पराकाष्ठा है।’’
– उन्होंने ये भी कहा, “हमें आतंकवाद से मुकाबले के लिए रणनीति बनानी होगी। यदि कोई देश इस तरह की रणनीति में शामिल नहीं होना चाहे, तो हम उसे अलग-थलग कर देंगे। ये देश बोते भी हैं तो आतंकवाद, बेचते भी हैं तो आतंकवाद, निर्यात भी करते हैं तो आतंकवाद।”
– “आतंकवाद मानवाधिकारों का सबसे बड़ा उल्लंघन है। क्योंकि वो निर्दोष लोगों को निशाना बनाता है, वह बेगुनाहों को मारता है। इन आतंकियों को पनाह देने वाले कौन हैं। इनका न बैंक है, न फैक्ट्री है। कौन इन्हें सहारा देता है। संरक्षण देता है।”