UP: रेलवे अधिकारी को RPF जवानों ने इस कदर पीटा, कान का पर्दा फटा

आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ जवानों की पिटाई में उप स्टेशन अधीक्षक (डीएसएस) नरेंद्र सिंह चाहर के कान का पर्दा फट गया है। ये बात सोमवार को जिला अस्पताल में हुई मेडिकल जांच में सामने आई है। जिला अस्पताल के ईएनटी स्पेशलिस्ट की जांच में उनके बाएं कान का पर्दा फटने (टायम्पेनिक मेम्ब्रेन लेसरेशन) की पुष्टि हुई है। इस जानकारी के सामने आने पर अब पीड़ित पक्ष ने मामले में दर्ज प्राथमिकी में धाराएं बढ़ाने की मांग करते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ ईएनटी सर्जन डॉ. अतुल जैन की जारी मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार नरेंद्र सिंह चाहर के बाएं कान का पर्दा फटा हुआ मिला। रिपोर्ट में कान में सूजन, रक्तस्राव और किसी कठोर एवं कुंद वस्तु से चोट लगने का उल्लेख है। सुनने की क्षमता प्रभावित होने के भी संकेत मिले हैं। रिपोर्ट में चोट की प्रकृति मूल मेडिकल रिपोर्ट के अनुरूप बताते हुए चार सप्ताह बाद दोबारा जांच कराने की सलाह दी गई है।
वहीं, रेलवे प्रशासन की गठित तीन सदस्यीय समिति ने सोमवार को प्रकरण की जांच शुरू कर दी। कमेटी ने इस दौरान स्टेशन निदेशक संतोष त्रिपाठी, अधीक्षक प्रवेंद्र प्रकाश, उप स्टेशन अधीक्षक नरेंद्र सिंह चाहर व अन्य के बयान दर्ज किए। कमेटी ने बाहरी व्यक्तियों के भी नाम पूछे जिन्होंने मारपीट में आरपीएफ कर्मियों का साथ दिया। घटनास्थल देखने के बाद सीसीटीवी फुटेज देखी और डीवीआर कब्जे में ले ली। पीड़ित ने जो साक्ष्य मोबाइल क्लिपिंग उपलब्ध कराई, उनकी भी जांच की। अब कमेटी आरोपियो के बयान भी दर्ज करेगी। आगरा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गाैतम ने बताया कि कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। जल्द ही कमेटी रिपोर्ट साैपेंगी।
सांसद चाहर बोले, सरकार की छवि नहीं होने देंगे धूमल
इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सांसद राजकुमार चाहर भी डीआरएम से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने आरपीएफ के अधिकारियों और हीलाहवाली कर रहे रेलवे अधिकारियों को फटकार लगाई थी। चाहर ने कहा कि प्रकरण में निष्पक्ष जांच के लिए कहा गया है। ऐसी घटना से सरकार की छवि धूमिल होती है। ऐसे में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए अफसरों को निर्देश दिए हैं।
ये है मामला
रविवार सुबह 10:51 बजे अमृतसर से विशाखापत्तनम जा रही हीराकुंड एक्सप्रेस आगरा कैंट के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आकर रुकी। इसी दौरान एक महिला यात्री पेठा खरीदने के लिए प्लेटफॉर्म पर उतर गईं। खरीदारी में देरी होने पर ट्रेन चलने लगी। महिला ने दौड़कर ट्रेन पकड़ने का प्रयास किया तो जोखिम देखते हुए प्लेटफॉर्म पर मौजूद स्टेशन उपाधीक्षक नरेंद्र सिंह चाहर ने गार्ड को सूचना देकर ट्रेन रुकवा दी। हालांकि आरपीएफ कर्मियों ने चेन पुलिंग समझकर महिला यात्री और उसके साथी को पकड़ लिया। डीएसएस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन कर्मी उनसे ही उलझ गए। विवाद के बाद चाहर को जमकर पीटा और लपकों के साथ मिलकर घसीटते हुए आरपीएफ पोस्ट ले गए। हंगामे और विवाद के बाद रेलवे ने दो एएसआई समेत चार आरपीएफ कर्मियों को निलंबित कर दिया। वहीं, जीआरपी ने चारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कर ली।





