यूपी: मुख्यमंत्री जी देखिए… महिला को इलाज नहीं मिला, मौत हो गई

लखनऊ। स्वामी से सुबोई ने फोन पर बात कराई तो डॉक्टरों ने उनसे भी यही कहा। राधिका को हैलट लाया गया तो इमरजेंसी में जूनियर डॉक्टर ने सीटी स्कैन लिख दिया। महंतो रोया कि उसकी जेब में केवल 100 रुपये हैं, लेकिन डॉक्टर ने नहीं सुनी। एंबुलेंस वाला पेड़ के नीचे रोगी को उतारकर चला गया। महंतो ने फिर स्वामी को स्थिति बताई। उन्होंने डॉक्टर से बात कराने के लिए कहा तो डॉक्टर ने झिड़ककर मना कर दिया।

महंतो पत्नी और बेटी के साथ सारी हैलट इमरजेंसी के पास पड़ा रहा। सुबह पत्नी की मौत हो गई। राधिका को देखने आए सोमा दंडी स्वामी ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री के फोन पर भी सूचना दी थी। बाद में इमरजेंसी प्रभारी डॉ. विनय कुमार ने महिला के शव को उसके घर भिजवा दिया। बता दें हैलट में सीटी स्कैन की व्यवस्था तो है लेकिन प्राइवेट हाथों में है। इस वजह से यहां भी सीटी स्कैन के 2500 से 3000 रुपये लगते हैं। प्राइवेट में इसके 6000 तक लिए जाते हैं।

मुख्यमंत्री

सीसीटीवी फुटेज देखे जाएंगे

मामले में इमरजेंसी में लगा सीसीटीवी फुटेज चेक किया जाएगा। हैलट की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ज्योति सक्सेना का कहना है कि यह गंभीर मामला है। कैमरे से पता किया जाएगा कि रोगी कब इमरजेंसी में लाई गई और उसे किसने देखा। रोगी को भर्ती क्यों नहीं किया गया?

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24 घंटे बीते, प्राचार्य को पता ही नहीं

इस मामले में जब मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। अधिकारियों से पता कर मामले की जांच करवाएंगे।

 

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