यूपी पुलिस भर्ती प्रक्रिया: युवाओं के लिए बुरी खबर, विभाग और बोर्ड की बढ़ी टेंशन

गृह विभाग ने पुलिस में भर्ती प्रक्रिया का पूरा कार्यक्रम भले ही जारी कर दिया हो लेकिन तयशुदा समय में भर्ती प्रक्रिया पूरी करना विभाग और भर्ती बोर्ड दोनों के लिए आसान नहीं होगा। गृह विभाग और पुलिस व भर्ती बोर्ड ने मिलकर नौ महीने में पूरी प्रक्रिया पूरी करने का कार्यक्रम तय किया है। यह महकमे और बोर्ड के लिए चनौती इस लिए होगी क्योंकि इसी अवधि में कुंभ मेला, लोकसभा चुनाव, यूपी बोर्ड की परीक्षाएं, बीटीसी और टीईटी की परीक्षाएं होनी है।
पुलिस विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशिक्षण दिलाने की होगी। मौजूदा समय में प्रदेश में कुल 9 संस्थान हैं जहां की क्षमता 5790 है। हालांकि क्षेत्रीय और अस्थायी ट्रेनिंग व दूसरे प्रदेश व केंद्रीय एजेंसियों के ट्रेनिंग सेंटरों पर मिलाकर मौजूदा समय में 29000 सिपाहियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रमुख सचिव गृह ने बताया कि ट्रेनिंग क्षमता बढ़ाए जाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। जालौन और सुल्तानपुर में नए प्रशिक्षण संस्थान खोले जा रहे हैं जिसका उद्घाटन दीपावली से पहले मुख्यमंत्री करेंगे। प्रमुख सचिव गृह का कहना है कि इसके लिए दूसरे राज्यों से भी सहयोग लिया जाएगा।
अरविंद कुमार ने बताया कि मौजूदा समय में छुट्टी की एक बड़ी समस्या इन सिपाहियों के सामने आती है। नए सिपाहियों के आने के बाद से इस समस्या का समाधान हो सकेगा और इन पुलिस कर्मियों को मिड टर्म ट्रेनिंग भी दिलाई जा सकेगी। प्रमुख सचिव गृह का मानना है कि इससे पुलिस और पुलिसिंग में सुधार आएगा। उन्होंने बताया कि नई भर्ती के बाद कम पुलिस की डेड पड़ी 74 कंपनियों को भी जीवित किया जाएगा। मौजूदा समय में 3828 सिपाही पीएसी के लिए ट्रेनिंग कर रहे हैं। इससे कम से कम 30 कंपनी को फौरी तौर पर जीवित किया जाएगा। बाकी भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद अन्य कंपनियों को भी जीवित किया जाएगा।
प्रमुख सचिव गृह ने बताया कि मौजूदा समय में सिपाहियों की उपलब्धता कुल 132613 है जबकि पूरे प्रदेश में सिपाहियों के स्वीकृत पदों की संख्या 229660 है। यह स्थिति 24651 सिपाहियों को मुख्य आरक्षी के पद पर प्रोन्नति मिलने के बाद की है। उन्होंने बताया कि लगभग 97 हजार रिक्त पदों में से 41520 पदों पर दिसंबर के मध्य तक भर्ती प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। 51216 पदों पर अगले वर्ष जून तक भर्ती प्रक्रिया पूरी होगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पुलिस में 37575 पुलिस कर्मियों को प्रमोशन दिया गया है। इसमें 2192 निरीक्षक, 7600 उप निरीक्षक, 24651 मुख्य आरक्षी बनाए गए हैं।
डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि परीक्षा के लिए टीसीएस को जिम्मेदारी दी गई है। सभी परीक्षाएं टीसीएस ही कराएगी। उन्होंने बताया कि अनुमान है कि 25 से 30 लाख तक इन परीक्षाओं में अभ्यर्थी शामिल होंगे। डीजीपी ने बताया कि जनवरी को 4 से 10 तारीख का पूरा हफ्ता पुलिस विभाग के लिए महत्वपूर्ण होगा। इस दौरान पुलिस भर्ती से संबंधित लगातार परीक्षाएं होंगी।





