यूपी विधानसभा: मामले में पहला Action, एसएफएन निदेशक हुए निलंबित


अभी अभी: कांग्रेस मुक्त हुआ बिहार! NDA में शामिल होंगें कांग्रेस के 14 विधायक
डीजी टेक्निकल महेंद्र मोदी ने जांच में पाया कि निदेशक श्याम बिहारी उपाध्याय ने मार्च 2016 में एक्सपायर हो चुकी किट से संदिग्ध पाउडर की जांच की और गलत जानकारी उपलब्ध कराई।
निदेशक द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर ही सीएम योगी ने विधानसभा में संदिग्ध पाउडर को पीईटीएन बताया था और जांच एनआईए को सौंप दी थी।
महेंद्र मोदी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि निदेशक को फॉरेंसिक जांच के बगैर इस तरह की जानकारी नहीं देनी चाहिए थी।
डीजी टेक्निकल महेंद्र मोदी ने एसएफएल के निदेशक को भ्रामक जानकारी फैलाने का भी दोषी पाया है। उन्होंने निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही की संस्तुति भी की है।
गौरतलब है कि आगरा की लैब में हुई जांच में संदिग्ध पदार्थ के पीईटीएन साबित न होने से विवाद पैदा हो गया था।
एफएसएल लखनऊ के निदेशक श्याम बिहारी उपाध्याय ने शासन में बैठे वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करने का आरोप पहले ही लग चुका था और उनके निलंबन की तैयारी चल रही थी।





