संयुक्त राष्ट्र- रोहिग्या के खिलाफ कार्रवाई को करें बंद

संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि म्यांमार की नेता आंग सान सू की के पास सेना की आक्रामक कार्रवाई को रोकने का ‘एक अंतिम अवसर’ है, जिसने हजारों रोहिंग्या मुस्लिमों को बांग्लादेश भागने को मजबूर किया है. गुटेरेस ने शनिवार (16 सितंबर) की रात बीबीसी से कहा कि सू की के पास अभियान को रोकने का एक अंतिम मौका है.

उन्होंने कहा, “यदि वह मौजूदा हालात को नहीं बदलती हैं, तब मेरा मानना है कि त्रासदी बेहद भयावह होगी और दुर्भाग्य से तब मुझे नहीं पता कि इसे भविष्य में कैसे बदला जा सकेगा.” महासचिव ने फिर से कहा कि रोहिंग्या लोगों को वापस घर लौटने की अनुमति दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि यह साफ है कि म्यांमार की सेना को देश में अभी भी ‘प्रमुखता’ प्राप्त है व रखाइन राज्य में जमीनी तौर पर जो किया जा रहा उसके लिए दवाब डाला जा रहा है.
रखाइन राज्य में 25 अगस्त को रोहिंग्या विद्रोहियों द्वारा पुलिस जांच चौकी पर हमला करने व 12 सुरक्षा कर्मियों की हत्या किए जाने के बाद यह संकट पैदा हुआ. नोबेल पुरस्कार विजेता सू की को रोहिंग्या के मुद्दे पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. सू की न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग नहीं लेंगी, जो सोमवार (18 सितंबर) से शुरू होगी. सू की ने कहा है कि आतंकवादियों के हितों को बढ़ावा देने वाली फर्जी खबरों से तनाव को बल मिल रहा है.
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गुटेरस की यह चेतावनी बांग्लादेश द्वारा यह कहे जाने के बाद आई है कि वह म्यांमार से भागकर आए 400,000 रोहिंग्याओं के आगमन की प्रक्रिया को अब सीमित कर रहा है. बौद्ध बहुल रखाइन में राज्यविहीन ज्यादातर मुस्लिम अल्पसंख्यक रोहिंग्या लंबे समय से उत्पीड़न झेल रहें है. म्यांमार इन्हें अवैध प्रवासी बताता है.
बांग्लादेश सड़क किनारे, खेतों में और पहाड़ों पर शिविरों में रह रहे हजारों रोहिंग्या मुसलमानों के लिए 14,000 नये आश्रय स्थल बनाएगा. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार रोहिंग्या विद्रोहियों के हमले के जवाब में म्यांमार सेना की कार्रवाई के बाद वहां से पलायन कर 4,00,000 रोहिंग्या 25 अगस्त के बाद से बांग्लादेश में पहुंच चुके हैं. बांग्लादेश के अधिकारियों ने कहा कि वे कॉक्स बाजार जिले के कुतुपलोंग में रोहिंग्याओं के मौजूदा शरणार्थी शिविर के पास 2,000 एकड़ (800 एकड़) पर एक विशाल शिविर का निर्माण करेंगे. कॉक्स बाजार जिला म्यांमार की सीमा से लगा हुआ है.
बांग्लादेश के आपदा प्रबंधन सचिव शाह कमाल ने कहा, ‘‘सरकार ने करीब 40,000 रोहिंग्याओं के लिए 14,000 आश्रय स्थलों का निर्माण करने का फैसला किया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमसे 10 दिनों में आश्रय स्थलों का निर्माण करने को कहा गया है. हर आश्रय स्थल में छह शरणार्थी परिवार रहेंगे.’’ कमाल ने कहा कि शिविर में उचित साफ सफाई, पानी एवं चिकित्सा सुविधाएं होंगी.
उन्होंने कहा, ‘‘हम संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों की मदद लेंगे.’’ संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने कहा कि वे पलायन के स्तर से हैरान हैं. संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन ने कहा कि वह मदद कार्य में समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र की सभी एजेंसियों और निजी समूहों का एक समूह गठित करेगा.





