जम्मू-कश्मीर में गैर मुस्लिमों की चुन-चुनकर हत्या के बीच केंद्रीय गृह मंत्री ने देश में सुरक्षा के हालात की समीक्षा की

जम्मू-कश्मीर में प्रवासी मजदूरों और गैर मुस्लिमों की चुन-चुनकर हत्या के ताजा घटनाक्रम के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश में सुरक्षा के हालात की समीक्षा की है। समीक्षा के दौरान सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों के महानिदेशक और खुफिया विभाग व गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। शाह ने देश के विभिन्न भागों में चुनौतियों से निपटने के लिए सभी एजेंसियों के बीच बेहतर सामंजस्य के साथ काम करने की जरूरत बताई।

खुफिया ब्यूरो ने बुलाई देश भर के पुलिस महानिदेशकों की बैठक

गृह मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, सोमवार को पुलिस महानिदेशकों के साथ बैठक खुफिया ब्यूरो की ओर से बुलाई गई। खुफिया ब्यूरो साल में दो बार देश के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा की स्थिति, उभर रही नई चुनौतियों और उससे निपटने के उपायों पर विचार करने के लिए पुलिस महानिदेशकों की बैठक बुलाती है। यह बैठक भी उसी कड़ी का हिस्सा थी। इस अति गोपनीय बैठक के बारे में गृह मंत्रालय और खुफिया ब्यूरो ने कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया। लेकिन उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार बैठक में नक्सल समस्या, आइएस व अलकायदा के पैर जमाने की कोशिशों और जम्मू-कश्मीर के ताजा हालात पर विस्तार से चर्चा हुई।

गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में नई चुनौतियों से जल्द निपटने का दिया भरोसा

अमित शाह ने पिछले कुछ वर्षो में नक्सली हिंसा पर लगाम लगाने का श्रेय सुरक्षा एजेंसियों को दिया। इसके साथ उन्होंने बताया कि किस तरह से पूर्वोत्तर भारत में उग्रवादी संगठनों के मुख्य धारा में शामिल होने से हिंसक घटनाओं में तेजी से कमी आई है। लेकिन अलगाववादी घटनाओं और घुसपैठ में कमी के बावजूद ड्रग्स तस्करी के बढ़ते मामलों को लेकर उन्होंने चिंता जताई। इससे निपटने के लिए उन्होंने विभिन्न एजेंसियों के बीच खुफिया सूचना के आदान-प्रदान और बेहतर तालमेल के साथ कार्रवाई की जरूरत पर बल दिया।

सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर की ताजा घटनाओं पर चिंता जताते हुए अमित शाह का कहना था कि हताशा में आतंकी लोगों में दहशत फैलाने के लिए निर्दोष लोगों को निशाना बना रहे हैं। लेकिन साथ ही यह भी साफ कर दिया कि सीमा पार बैठे आतंकियों के आका अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाएंगे। सुरक्षा बलों पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें नई चुनौतियों से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहना होगा।  उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में जो लोग मारे गए हैं, उनमें ज्यादातर हिंदू और सिख शामिल हैं।

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