UK में एक बार फिर से बारिश का दौर जारी, बदरीनाथ हाईवे फिर से हुआ बंद….

उत्तराखंड में एक बार फिर से बारिश का दौर जारी हो गया। बारिश के चलते भूस्खलन से चारधाम यात्रा मार्गों के बंद होने और खुलने का सिलसिला जारी है। बदरीनाथ हाईवे एक बार फिर से बंद हो गया। इससे सड़क पर वाहनों की कतार लग गई है। वहीं नैनीताल में एक पांच मंजिला भवन ध्वस्त हो गया। गनीमत यह रही कि इस मकान में कोई रह नहीं रहा था। वहीं, मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि आने वाले 24 घंटे में नैनीताल, उधम सिंह नगर, पौड़ी, देहरादून, हरिद्वार में भारी बारिश की संभावना है।

आधी रात के बाद उत्तराखंड के कई जिलों में बारिश का सिलसिला फिर से शुरू हो गया, जो सुबह तक जारी रहा। केदानाथ और गंगोत्री यात्रा मार्ग सुचारु हैं। वही, डाबरकोट के पास भूस्खलन से बंद हुआ यमुनोत्री हाईवे सुबह सुचारु कर दिया गया। चमोली में बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड में आए मलबे को भी हटा दिया गया। यह मार्ग गत शाम बंद हो गया था।

वहीं, चमोली जनपद में पीपलकोटी के सेमलडाला नाले में उफान के चलते सुबह यातायात बाधित हो गया। यहां कई वाहन वाहन फंस गए। इस स्थान पर बस भी मलबे में फंस गई। हालांकि स्थानीय यात्रियों ने भागकर जान बचाई। यह बस जोशीमठ से चमोली की तरफ जा रही थी। वहीं, कुमाऊं के नैनीताल अल्मोड़ा में भी रुक-रुक कर भारी बारिश हो रही है।

पांच जिलों में बारिश का अनुमान

राज्य मौसम केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार अगले चौबीस घंटों के अंतराल में पांच जिलों देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर में भारी बारिश के आसार हैं।

नैनीताल के मल्लीताल में गिरा पांच मंजिला भवन

सरोवर नगरी नैनीताल के मल्लीताल स्थित जयलाल साह बाजार में पांच मंजिला जर्जर भवन भरभराकर गिर गया। मकान में कोई नहीं रहता था। गनीमत रही कि यह हादसा तड़के चार बजे हुआ। यदि दिन में होता तो मलबे से नुकसान हो सकता था।

मल्लीताल बाजार में मदन लाल साह का पांच मंजिला मकान है। विवाद की वजह से मकान की मरम्मत नहीं हो सकी थी। तड़के करीब चार बजे मकान की ऊपरी मंजिल भरभराकर गिर गई। साथ ही यहां मलबा लगातार गिर रहा है।  मलबे के पत्थर पास के ही मंदिर तक पहुंच गए।

पूर्व पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी मंटू ने बताया कि मकान खाली था। उन्होंने इसकी सूचना राजस्व विभाग, आपदा कंट्रोल रूम में दे दी है। यहां बता दें प्रशासन व पालिका के संयुक्त सर्वे के बाद इस मकान को खाली किया गया था। मगर गिराया नहीं गया। शहर में जर्जर एक दर्जन मकान खतरा बने हैं।

चेतावनी रेखा के पास बह रही गंगा

पिछले चौबीस घंटों के दौरान हुई बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। हरिद्वार में गंगा का चेतावनी रेखा के आसपास बह रही है। सुबह गंगा का जल स्तर 291.40 मीटर रेकार्ड किया गया। यहां चेतावनी रेखा 292 मीटर और खतरे का निशान 293 मीटर पर है।

दून में फिर धीमी पड़ी मानसून की रफ्तार

भारी से भारी बारिश की चेतावनी के बावजूद देहरादून और आसपास के इलाकों में शुक्रवार को 12 घंटे बिना बारिश के ही गुजर गए। इससे पहले 24 घंटे में देहरादून में महज 39.1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। हरिद्वार में बारिश की तेज बौछारों से कई जगह जलभराव हुआ।

हवा के साथ आ रही राजस्थान के सीमांत इलाकों की मिट्टी 

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून का मानना है कि राजस्थान के सीमांत इलाकों से तेज हवा के साथ मिट्टी उड़कर आगे बढ़ती गई और उत्तर भारत के कुछ इलाकों में सक्रिय मानसून की बारिश के साथ ठंडी होकर नीचे गिर रही है। दून का अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 31.6 जबकि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से एक डिग्री अधिक 24.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मसूरी में पिछले 24 घंटे में मात्र 3.2 मिलीमीटर बारिश हुई। इस दौरान शुक्रवार को अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक 24.0 व न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 27.3 डिग्री सेल्सियस रहा।

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