125 साल पहले, यूरोप के अखबारों में छपते थे भारत के कुछ ऐसे किस्से

जोधपुर।भारत के राजा-महाराजा बड़ी शान-शौकत के साथ रहा करते थे। अपने वैभव का प्रदर्शन करने के लिए पूरे शाही लवाजमे के साथ वे इंग्लैंड जाते थे। सौ-सवा सौ साल पूर्व इंग्लैंड के अखबारों में भारतीय राजाओं के किस्सों को खूब प्रकाशित किया जाता था। वहां से लोग इन किस्सों को बड़े चाव के साथ पढ़ते थे। इन किस्सों को पढ़कर यूरोप के लोग इन राजाओं को दीवानगी की हद तक पसंद करने लग गए थे।
125 साल पहले, यूरोप के अखबारों में छपते थे भारत के कुछ ऐसे किस्से

ये किस्से हुए प्रसिद्ध…

– इतिहासकार मोहनलाल गुप्ता के अनुसार, उस दौर में लॉरी कालिंस और डॉमिनिक लैपियर ने एक अखबार में लिखा कि यदि औसत निकाला जाए तो प्रत्येक भारतीय राजा के पास 11 पदवियां, 5.8 पत्नियां, 12.6 बच्चे, 9.2 हाथी, 2.8 निजी रेल के डिब्बे और 3.4 रॉल्स रॉयस कारें थीं। प्रत्येक राजा ने 22.9 शेरों का शिकार किया।
– पूरे यूरोप में यह बात प्रसिद्ध हो गई थी कि जयपुर के महाराजा का बहुत बड़ा खजाना किसी पहाड़ी में छुपाया हुआ है, जिसकी रक्षा पीढ़ियों से एक राजपूत परिवार करता आ रहा है। हर महाराजा को जीवन काल में एक बार इस खजाने का दर्शन कराया जाता था। इस खजाने में कई बेहतरीन हीरे-जवाहरात के हार रखे हुए थे। इनमें सबसे बड़ा माणिक नब्बे कैरेट से बड़ा था।
– यूरोप के अखबारों में पढ़ने के कारण वहां के सभी लोग जानते थे कि भरतपुर नरेश महज आठ साल की उम्र में पहला शेर मार चुके थे। 35 साल के होने तक उन्होंने इतने शेर मार दिए कि उनकी गिनती करना भी संभव नहीं रहा।
– उन्हीं दिनों भरतपुर में बतखों के शिकार का रिकॉर्ड बनाया गया। वायसराय लॉर्ड हॉर्डिंग के सम्मान में महज तीन घंटों में ही चार हजार 482 बतखों को गोली से उड़ा दिया गया।

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– यूरोप में विख्यात था कि भरतपुर के महाराजा के पास सबसे बेहतरीन रॉल्स रॉयस कार है। उसकी छत चांदी से बनी हुई थी। यह कार ऊंचे घराने के लोगों को विवाह समारोह की शोभा बढ़ाने के लिए दी जाती थी।
– बहुत से पत्रकारों ने राजा-महाराजाओं को इतना रहस्यमय बना दिया कि वहां के लोग इनकी एक झलक देखने को तरस जाते थे। वर्ष 1902 में जयपुर महाराजा माधोसिंह जब लंदन गए तो उनके जुलूस को देखने पूरा लंदन उमड़ पड़ा था। वे अपने साथ चांदी के दो विशाल लोटों में गंगाजल भरकर ले गए थे।
– यूरोप के लोगों को यह जानकर रोमांच महसूस होता था कि भारतीय राजा विशाल महलों में रहते हैं और हीरो-जवाहरात, सोने-चांदी के बर्तनों के अलावा बड़ी संख्या में हाथी और घोड़ों के मालिक होते हैं। इनकी संपदा के आगे पूरे यूरोप की संपदा फीकी पड़ जाए।
– इनके बारे में लिखा जाता था कि राजाओं की रानियों और रखैलों की संख्या असीमित होती है। इनके आसपास हमेशा एक से बढ़कर एक सुंदर वेश्याओं का मेला लगा रहता है।
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