विधानसभा चुनाव से पहले यूपी को मिल सकता हैं नया डिप्टी सीएम…

कोरोना महामारी के बीच हाल ही में संपन्न हुए पंचायत चुनाव में बीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए प्रदेश की योगी सरकार और प्रदेश बीजेपी में बड़े फ़ेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश को एक नया डिप्टी सीएम मिल सकता है. जानकारी के मुताबिक, नौकरशाह से राजनेता बने और पीएम नरेंद्र मोदी के करीबी अरविंद कुमार शर्मा को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है. साथ ही जिन जिलों में पार्टी ने पंचायत चुनाव में ख़राब प्रदर्शन किया और कोरोना महामारी में उम्मीदों पर खरे न उतरने वाले मंत्रियों के पर कतरे जा सकते हैं.

अरविन्द कुमार शर्मा को विधानसभा चुनाव से पहले डिप्टी सीएम का पद मिल सकता है. इस खबर को उस वक्त बल मिला जब सोशल मीडिया पर सोमवार को यह खबर वायरल हुई की डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को दिल्ली बुलाने की बात हुई है. हालांकि, केशव प्रसाद मौर्य ने खंडन करते हुए कहा कि वे लखनऊ में ही मौजूद हैं.

योगी कैबिनेट के विस्तार की अटकलें तेज

दरअसल, विधानसभा चुनाव से पहले योगी मंत्रीमंडल के विस्तार की अटकलें काफी तेज हैं. कहा जा रहा है कि नॉन परफॉरमेंस वाले कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है या फिर उनके पर कतरे जा सकते हैं. यह भी बात सामने आ रही है कि पिछले दिनों एमएलसी बने पीएम मोदी के करीबी अरविंद शर्मा की वाराणसी में कोरोना प्रबंधन को लेकर जिस तरह से तारीफ़ हुई है, उससे कयास लगाया जा रहा है कि उन्हें योगी मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण पद मिल सकता हैं.

आरएसएस और बीजेपी की बैठक में हुआ फैसला!

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में आरएसएस और बीजेपी नेताओं की बैठक हुई है. इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं. इस बैठक में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, केंद्रीय नेतृत्व, भाजपा और उत्तर प्रदेश के संगठन महामंत्री मौजूद रहे. सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति को लेकर विचार-विमर्श किया गया. सूत्रों के मुताबिक, बनारस और पूर्वांचल में मैनेजमेंट में शर्मा के सफल होने से मोदी खुश हैं और अब बीजेपी और संघ की बैठक के बाद जल्द ही उत्तर प्रदेश सरकार में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.सूत्रों के मुताबिक, योगी सरकार के मंत्रियों पर गाज गिर सकती है, जिनका परफॉर्मेंस पंचायत चुनाव और कोरोना महामारी में खराब रही. जिन जिलों में पंचायत चुनाव में परफॉर्मेंस ख़राब थी, वहां के क्षेत्रीय व जिला पदाधिकारियों को हटाया जा सकता हैं. इतना ही नहीं महामारी के दौरान बेहतर प्रदर्शन न करने वाले मंत्रियों को या तो हटाया जा सकता है या फिर विभाग बदले जा सकते हैं. 

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