चंद्र ग्रहण के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए करे इन मन्त्रों का जाप

आज साल का अंतिम ग्रहण है। जी हाँ और कहा जाता है ग्रहण काल में देवी-देवता की पूजा नहीं करना चाहिए। आज चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है और कहा जाता है जब चंद्र ग्रहण लगा हो उस समय में मानसिक रूप से मंत्रों का जप करना चाहिए। आप सभी को हम यह भी बता दें कि चंद्र ग्रहण काल में इन मंत्रों में से किसी भी एक मंत्र का जप कम से कम 108 जप करने से जपकर्ता के सारे कार्य पूरे होने लगते हैं। आज हम आपको उन मन्त्रों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका चंद्रग्रहण की अवधि में जाप करने से चंद्र ग्रहण के दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है।

सर्व सिद्ध मंत्र
चंद्रग्रहण में भगवान् विष्णु मंत्र- ऊं नमो भगवते वासुदेवाय
ऊं तत् स्वरूपाय स्वाहा

चंद्रग्रहण में भगवान् शिव मंत्र- ऊं तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि, तन्नो रूद्रः प्रचोदयात

ॐ हौं जूं स: ॐ भूर्भुव: स्व: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्व: भुव: भू: ॐ स: जूं हौं ॐ !!

* ॐ नमः शिवाय

चंद्रग्रहण में मंत्र गर्भवती स्त्रियों के लिए-
ऊं क्लीं देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते
देहि मे तनयं कृष्णं त्वामहं शरणं गतः क्लीं ऊं

चंद्रग्रहण में शत्रुओं पर विजय के लिए-
ॐ ह्लीं बगलामुखी देव्यै सर्व दुष्टानाम वाचं मुखं पदम् स्तम्भय जिह्वाम कीलय कीलय बुद्धिम विनाशाय ह्लीं ॐ नम:।

चंद्रग्रहण में वाक् सिद्धि हेतु-
ॐ ह्लीं दूं दूर्गाय: नम:

चंद्रग्रहण में लक्ष्मी प्राप्ति हेतु तांत्रिक मंत्र-
ॐ श्रीं ह्लीं क्लीं ऐं ॐ स्वाहा:।

चंद्रग्रहण में नौकरी एवं व्यापार में वृद्धि हेतु प्रयोग-
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:।

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