मई में जब मलेशियाई प्रधानमंत्री महातिर मोहम्‍मद को जीत मिली तब उन्‍होंने शपथ लिया कि पूर्व प्रधानमंत्री के कार्यकाल में हुए भ्रष्‍टाचार के तहत गायब रकम को वापस लाने का वे हरसंभव प्रयास करेंगे। मलेशिया डेवलपमेंट बर्हाड (एमडीबी) घोटाले में घिरे पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रज्‍जाक पर बड़ी रकम की चोरी का आरोप है।

बता दें कि एमडीबी सरकारी कंपनी से 70 करोड़ डॉलर (करीब 4,760 करोड़ रुपये) अपने निजी खाते में ट्रांसफर कराए थे। नजीब ने हालांकि इन आरोपों से इन्कार किया है। लेकिन, इन्हीं आरोपों की वजह से उनके नेतृत्व वाले गठबंधन को गत नौ मई को हुए आम चुनाव में महातिर मोहम्‍मद के हाथों करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा।

महातिर की दूसरी प्राथमिकता देश के 250 बिलियन डॉलर को वापस लेना है और इस हफ्ते उन्‍होंने घोषणा किया कि सरकार ने क्राउडफंडिंग (आपस में पैसे जुटाना) शुरू करने का रास्‍ता खोज लिया। 24 घंटे के भीतर ‘मलेशिया होप फंड’ ने करीब 2 मिलियन डॉलर इकट्ठा कर लिया है।

वित्‍त मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘जनता अपनी इच्‍छा से सरकार के कर्ज को कम करने के लिए आगे आयी है।‘ दरअसल करीब 20 लाख करोड़ रुपये की इकोनॉमी वाले मलेशिया पर 19 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने कहा कि लोग देश से बहुत प्यार करते हैं। जब उन्हें बुरी स्थिति का पता चला तो वे स्वैच्छिक रूप से सरकार को दान देने के लिए तैयार हो गए। वित्त मंत्री लिम गुआन इंग के मुताबिक इस फंड के प्रबंधन के लिए सुरक्षित और पारदर्शी प्लेटफॉर्म बनाया गया है, ताकि पैसे का सही उपयोग हो।

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महातिर से पहले सरकार नजीब रजाक के नेतृत्व वाली थी। आरोप है कि उनके लंबे कार्यकाल में काफी घोटाले हुए और देश पर भारी कर्ज भी चढ़ गया। महातिर ने मंत्रियों और कर्मचारियों से कम वेतन लेने का अनुरोध किया है। लोग इस क्राउडफंडिंग की तुलना 1990 के दौर से कर रहे हैं। क्राउडफंडिंग का यह आइडिया 27 वर्षीय निक साजारिना बक्‍ति ने शुरू किया है।