भोपाल के जंगलो में हजारों वन्यप्राणी 4 दिन में 1 लाख लीटर पानी पी जाते हैं

भोपाल सामान्य वन मंडल का जंगल 541 वर्ग किलोमीटर में फैला है। इसमें 20 बाघ, 33 तेंदुए समेत हजारों वन्यप्राणी हैं। ये औसतन चार दिन में सौंसरों से 1 लाख लीटर पानी पी लेते हैं।

इनके लिए केरवा डैम व कुछ प्राकृतिक जल स्त्रोत भी हैं, जहां से भी वन्यप्राणी पानी पी रहे हैं। दरअसल, जंगल में 16 सौंसर हैं, इनमें से 13 पक्के और 3 कच्चे हैं।

इनकी क्षमता औसतन 10 हजार लीटर की है। ये औसतन हर चौथे दिन खाली हो जाते हैं। इनमें हर चौथे दिन टैंकर से पानी भरते हैं।

इस तरह 16 सौंसर में 1 लाख 60 हजार लीटर पानी डालते हैं। इनमें से औसतन 1 लाख लीटर पानी वन्यप्राणी पी जाते हैं। गर्मी के दिनों में जंगल में दूरी पर पानी मिलता है, इसलिए इन्हीं सौंसरों से हजारों मवेशी भी पानी पी लेते हैं। बाकी का करीब 60 हजार लीटर पानी कई वजह से बह जाता है और गर्मी में वाष्प बनकर उड़ जाता है।

541 वर्ग किलोमीटर में फैला है भोपाल का जंगल

– 20 बाघ हैं भोपाल के जंगल में

– 10 से अधिक दूसरे बाघ भी रातापानी, सीहोर व रायसेन के आते हैं भोपाल के जंगल में

– 33 से अधिक तेंदुओं का है स्थाई मूवमेंट

– 1200 से अधिक शाकाहारी वन्यप्राणी हैं भोपाल के जंगल में

– 2 रेंज समरधा व बैरसिया में बटा है जंगल

– 16 सौंसर हैं समरधा के जंगल में

– 13 सौंसर पक्के हैं और बाकी के तीन कच्चे सौंसर हैं

– 4 सौंसर में मोटर पंप से भरते हैं पानी

– 12 सौंसर में टैंकर से डालते हैं पानी

– 10 हजार लीटर है एक सौंसर की क्षमता

– 1 लाख लीटर पानी चार दिन में पी जाते हैं बाघ, तेंदुए, चीतल, सांभर समेत दूसरे वन्यप्राणी

– 60 हजार लीटर औसतन पानी सौंसरों में वन्यप्राणियों के बैठने से बाहर चला जाता है और गर्मी में वाष्पबनकर उड़ जाता है

– 4 दिन में औसतन खाली हो जाते हैं गर्मी में सौंसर

– 4 दिन में डालते हैं एक सौंसर में टैंकर से पानी

– 3 किलोमीटर होती है एक से दूसरे सौंसर के बीच की दूरी

– 5 हजार लीटर होती है एक टैंकर की क्षमता

– 2 टैंकर पानी चार दिन में एक सौंसर में भरते हैं वनकर्मी

650 रुपये आता है बाहर से टैंकर मंगाने पर खर्च, लेकिन वन विभाग के पास है खुद का टैंकर

गर्मी के दिनों में सौंसर में पानी पर्याप्त होना चाहिए। सौंसर में पानी नहीं मिलने से वन्यप्राणी दूसरी दिशाओं में बढ़ने लगते हैं। गर्मी में पानी का इंतजाम जरूरी है। – रमाकांत दीक्षित, वन्यप्राणी विशेषज्ञ

औसतन हर तीसरे दिन सौंसर में एक टैंकर पानी डलवाते हैं। एक सौंसर की क्षमता 10 हजार लीटर होती है। समरधा के जंगल में 16 सौंसर हैं। इनमें से 13 पक्के हैं। बाकी के तीन कच्चे हैं। – एके झंवर, रेंजर समरधा रेंज भोपाल सामान्य वन मंडल

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