कुंडली के ये योग जीवन में ला सकते है संकट, बचने के भी उपाय…

नई दिल्ली: ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक कुंडली से पूरा भविष्य का पता लगाया जाता है. कुंडली में ग्रह-नक्षत्र कई प्रकार के योग बनाते हैं. जिनमें से कुछ शुभ तो कुछ अशुभ होते हैं. अगर कुंडली में शुभ योगों की संख्या अधिक हैं तो इंसान जीवन में धनी और सुखी होता है. वहीं जब कुंडली में अशुभ योग प्रबल हो जाते हैं तो लाख कोशिशों का बावजूद भी जीवन में संकटों का सामना करना पड़ता है. जानते हैं कि कुडली के कौन से योग परेशानी का कारण बनते हैं. 

ग्रहण योग

जब कुंडली में चंद्रमा के साथ राहु और केतु के मिलने से ग्रहण योग बनता है. यह एक अशुभ योग है, जिसके प्रभाव से मानसिक स्थिति बिगड़ने लगती है. साथ ही नौकरी-रोजगार में समस्या उत्पन्न होती है. इससे बचने के लिए आदित्यहृदय स्तोत्र का नियमित पाठ करना चाहिए. 

चांडाल योग

कुंडली में जब बृहस्पति और राहु एक साथ बैठ जाते हैं तो चांडाल योग का निर्माण होता है. इस योग के दुष्प्रभाव से जातक को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे इससे छुटकारा पाने के लिए गरुवार के दिन पीली वस्तुओं का दान करना चाहिए. 

अल्पायु योग

अगर कुंडली में चंद्रमा पापी ग्रहों के साथ 6, 8 या 12वें स्थान पर बैठा है तो ऐसे में अल्पायु योग बनता है. जिस इंसान की कुंडली में यह योग बनता है उसके जीवन पर संकट मंडराता रहता है. इससे बचने के लिए रोजाना महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए. 

विष योग

कुंडली में शनि और चंद्रमा की युति से विष योग का निर्माण होता है. विष योग के कारण इंसान की जिंदगी नरक के समान हो जाता है. इस योग के दुष्प्रभाव से बचने के लिए शनिवार के दिन पीपल में जल देना चाहिए. 

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