भारत में इस नई रहस्यमयी बीमारी ने दी दस्तक, मरीजों के खून में मिली ये खतरनाक चीज

कोरोना के कहर के बीच आंध्र प्रदेश के एलूरु शहर में फैली रहस्यमयी बीमारी ने सभी को हिला कर रख दिया है. इस बीमारी की चपेट में अब तक 500 से भी ज्यादा लोग आ चुके हैं. बेहोशी और मिर्गी के दौरे आने जैसे लक्षण दिखने के बाद लोगों को अस्पतालों में भर्ती किया जा रहा है. हालांकि राहत की बात ये है कि लोग इस बीमारी से जल्दी ठीक होकर जा रहे हैं.

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ए के कृष्णा श्रीनिवास के अनुसार इस बीमारी से संक्रमित 510 में ले 430 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है जबकि इससे अब तक एक मौत होने की खबर है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि वो घबराएं नहीं. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), दिल्ली की टीम इस रहस्यमय बीमारी की जांच कर रही थी और इब इसके शुरूआती नतीजे सामने आए हैं.

एम्स की जांच में बीमार लोगों के ब्लड सैंपल में सीसा (Lead) और निकल (Nickel) जैसे भारी केमिकल पाए गए हैं. राष्ट्रीय पोषण संस्थान (NIN) की टीम अब पानी, खाद्य तेल और चावल के सैंपल इकट्ठा कर रही है. हालांकि चिंता की बात ये है कि ये बीमारी किसी विशेष क्षेत्र तक ही सीमित नहीं है. NIN के एक वैज्ञानिक ने कहा, ‘अगर ये पानी या वायु-जनित होता, तो इससे एक विशेष क्षेत्र के लोग प्रभावित होते. हालांकि, इस रहस्यमयी बीमारी से लगभग पूरा एलूरु शहर प्रभावित है. ज्यादातर मामलों में परिवार का केवल एक सदस्य प्रभावित हुआ है, जो कि हैरान करने वाला है.’

एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा, ‘लगभग सभी प्रभावित व्यक्ति एलूरु के शहरी इलाके से हैं, जो 70 फीसदी लोग टाउन एरिया से हैं. एलूरु के ग्रामीण और आस-पास के इलाके प्रभावित नहीं हुए हैं. रविवार को लिए गए पानी के नमूने दूषित नहीं पाए गए लेकिन स्वास्थ्य अधिकारी पानी और खाद्य स्रोतों की जांच के लिए इन क्षेत्रों में वापस जा रहे हैं.’

एलूरु के सरकारी अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉक्टर ए एस राम ने कहा, ‘अधिकांश मरीजों को मिर्गी के दौरे आए. कुछ लोगों ने मास हिस्टीरिया की शिकायत की, जो वास्तव में नहीं थी. कई मरीजों ने सिर पर मामूली चोट या आंखों में कालापन जैसे लक्षण बताए, कुछ लोग अचानक ही बेहोश हो गए. वहीं कई मरीजों ने दौरे के बाद गैस्ट्रिक समस्याओं या पेट दर्द की शिकायत की.’

डॉक्टर राम ने कहा कि मरीजों की संख्या में अब कमी हो रही है. उन्होंने कहा, ‘मंगलवार के दिन ज्यादा मरीज नहीं थे. अब डिस्चार्ज की दर भी अधिक है. दो या तीन घंटे के भीतर ज्यादातर लोगों घर जाने की छुट्टी मिल जा रही है.’  इस बीच, मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी लोगों के ब्लड सैंपल में मिले सीसा और निकल की जांच के आदेश दिए हैं कि ऐसे भारी तत्व प्रभावित जगहों और शरीर के अंदर कैसे पहुंच रहे हैं.

एम्स (दिल्ली), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (पुणे) और सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (दिल्ली) के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मंगलवार को राज्य के अधिकारियों के साथ बैठक की और साथ ही प्रभावित मरीजों से भी बातचीत की.

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