ये हैं भारत की दस सबसे खतरनाक जगह, यहां जाने के लिए चाहिए बड़ा जिगर

कुछ लोगों को ऐसी जगहें एक्सप्लोर करने का बड़ा शौक होता है जो खतरों से भरी होती हैं. हालांकि ऐसी एडवेंचरस डेस्टिनेशन पर जाने का भी अपना अलग मजा होता है. पर ख्याल रखें कि ऐसी जगहों पर हमेशा ग्रुप में ही जाएं. इन टूरिस्ट स्पॉट पर अकेले जाना खतरनाक हो सकता है. आइए इसी कड़ी में आपको भारत की 10 सबसे रोमांचक जगहों के बारे में बताते हैं जहां जाने के लिए बड़ा जिगर चाहिए.

रूपकुंड झील- उत्तराखंड में 5,029 मीटर की ऊंचाई पर स्थित रूपकुंड झील अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए काफी फेमस है. रूपकुंड झील की खोज 1942 में एक ब्रिटिश रेंजर ने की थी. झील में बर्फ पिघलने के बाद पाए गए कई कंकालों का रहस्य आज भी एक अनसुलझी कड़ी माना जाता है.

चंबल की घाटी– चंबल के बीहड़ों का नाम आते ही लोगों के जेहन में डाकुओं के नाम आने लगते हैं.  इसके वीरान जंगल और पहाड़ी इलाकों के खौफ में बहुत ज्यादा देर टिक पाना किसी के लिए भी मुश्किल है.

दमस बीच– गुजरात के समुद्री तट पर स्थित दमस भारत की सबसे खौफनाक जगहों में शुमार है. डुमस बीच के नाम से प्रसिद्ध यह इलाका डरावना होने की वजह से पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है.

गुरेज घाटी– अगर आप जम्मू कश्मीर की गुरेज घाटी घूमना चाहते हैं तो घूमने का सही समय मई से अक्टूबर है. कम तापमान में यहां के पहाड़ी इलाके में कई तरह की चुनौतियां बनी रहती हैं.

थार मरुस्थल– थार मरुस्थल लहरदार रेतीले पहाड़ों का विस्तार है जो विशाल भारतीय मरुस्थल भी कहलाता है. कुछ भाग भारत के राजस्थान में और कुछ पाकिस्तान में स्थित है. 2,00,000 वर्ग किमी में फैले इस क्षेत्र के पश्चिम में सिंधु द्वारा सिंचित क्षेत्र है.

कुलधारा– कुलधारा राजस्थान के जैसलमेर शहर से 25 कि.मी. की दूरी पर स्थित एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक ग्राम है. यह एक डरावना गांव है, जहां पर्यटकों को सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच ही जाने की अनुमति है.

द्रास– जम्मू कश्मीर में स्थित द्रास भारत का सबसे खतरनाक इलाका माना जाता है. यहां टेम्प्रेचर काफी कम रहता है. कुल्फी जमा देने वाली इस ठंड में रहना अपने आप में चुनौतीपूर्ण है.

बस्तर के जंगल– यह छत्तीसगढ़ का छोटा सा जिला है. यहां अच्छे जंगलों के साथ ही नदियां भी हैं. नक्सली इलाका होने की वजह से यहां हमेशा खतरनाक बना रहता है.

सियाचिन ग्लेशियर– भारत की सबसे ठंडी जगह का टाइटल सियाचिन ग्लेशियर के पास है. करीब 5,753 मीटर ऊंचाई पर स्थित इस जगह का तापमान जनवरी में -50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. भारत-पाकिस्तान के कई सैनिक इस जानलेवा ठंड से सामना करते हुए यहां तैनात रहते हैं. इंटरनेट पर ऐसी कई वीडियोज मौजूद है जहां सैनिक बर्फ से जमे अंडे, टमाटर और जूस को हथौड़ी से तोड़ते नजर आए हैं. यहां की विपरीत परिस्थितियों में अब तक हजारों सैनिक जान गंवा चुके हैं.

सेला पास– धरती का ये बर्फीला स्वर्ग ‘आइसबॉक्स ऑफ इंडिया’ के नाम से मशहूर है. समुद्र तल से करीब 4,400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित सेला पास करीब-करीब पूरे साल बर्फ की एक पलती सी चादर ओढ़े रहता है. सालभर ये पर्वतमाला ठंडी हवाओं और हिमस्खलन से टकराती हैं. इस जगह का तापमान करीब -15 डिग्री तक चला जाता है.

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