झकझोर कर रख देगी ये घटना, परिवार का हुआ खात्मा एक साथ उठे पांच जनाजे…

मेरठ से सटे परीक्षितगढ़ एकसाथ पांच जनाजे घर से निकले तो हर आंख नम हो गई। हर तरफ मातम छाया था। भीड़ उमड़ पड़ी, लेकिन हर किसी की जुबान पर एक ही बात थी कि आखिर इस तरह परिवार को खत्म करने के पीछे क्या वजह थी। इस घटना से हर कोई स्तब्ध रह गया।

दंपती में अनबन रहती थी। गुरुवार को हद पार हो गई और रईस टूट गया। तीन घंटे दंपती के बीच तकरार चली, फिर अचानक खामोशी छा गई और पूरा परिवार खत्म हो गया। तकरार के बीच में ही रईस ने सुसाइड नोट लिखा था, जिसका खुलासा फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने शुक्रवार को किया।

पुलिस के अनुसार, परीक्षितगढ़ में रईस अहमद का परिवार संपन्न था। दिल्ली में उसका ठीक काम चल रहा था। उसका विवाद पत्नी से था। पहली पत्नी के दो बच्चे विवाद की असली वजह बताए जा रहे हैं, जबकि रिहाना का रईस तीसरा पति था।

ग्रामीणों का कहना कि रईस और पत्नी रिहाना में गुरुवार को पूर्वाह्न 11 बजे से विवाद चल रहा था। करीब तीन घंटे तकरार चली। इसकी जानकारी आसपास के लोगों को भी है। दोपहर करीब दो बजे घर से आवाज आनी बंद हो गई थी।

रईस के घर से आवाज न आने पर पड़ोसी भी हैरान रह गए। चर्चा लोगों में फैलनी शुरू हुई। जिसके बाद रईस का भतीजा हारून घर पर पहुंचा। घर के अंदर का मंजर देखकर हारून के पैर तले जमीन खिसक गई।

रईस पंखे पर लटका हुआ था। पत्नी और तीनों बच्चे मृतक हालत में बेड पर पड़े थे। रईस के बगल में टेबल पर एक कॉपी थी, जिसमें पेन रखा था। कॉपी खुली हुई थी, पन्ने पर सुसाइड नोट लिखा था।

एक साथ उठे पांच जनाजे, छाया मातम
मोहल्ला होलीवाला में शुक्रवार को एक साथ पांच जनाजे उठे तो मातम छा गया। शव लाए गए तो भीड़ उमड़ पड़ी। लोग आंसू नहीं रोक सके। पुलिस की मौजूदगी में नगर के कब्रिस्तान में शवों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

रईस छह भाइयों में सबसे छोटा था। उसके अन्य भाई दिल्ली में परिवार के साथ रहते हैं। शवों को देख परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। रईस के भाई समसुद्दीन, साहबुद्दीन, रियाजुद्दीन, सलाहुद्दीन, नवाबुद्दीन भी बिलखते हुए कह रहे थे, भाई तूने ऐसा क्यों किया।

झगड़े के दौरान खतरनाक प्लान
स्थानीय लोगों से बातचीत और मौके के हालात देख फॉरेंसिक एक्सपर्ट का मानना है कि झगड़े के दौरान रईस ने परिवार को खत्म करने का प्लान बनाया। सुसाइड नोट भी इसी की तरफ इशारा कर रहा है। माना जा रहा है कि अगर रईस ने पहले से ही कोई प्लान बनाया होता तो वह झगड़े के दौरान सुसाइड नोट नहीं लिखता। क्योंकि मौके पर मिला सुसाइड नोट के बीच में ही पेन भी रखा हुआ था, जिससे वह लिखा गया है।

उधर, फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम गुरुवार शाम करीब 6 बजे पांच लोगों की मौत की सूचना पर परीक्षितगढ़ पहुंची। फॉरेंसिक एक्सपर्ट का मानना है कि सुसाइड नोट घटना से करीब पांच घंटे पहले लिखा गया। सुसाइड नोट की फॉरेंसिक साइंस लैब में जांच की जा रही है।

 

 

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