यूपी के गांव से निकले इस फास्ट बॉलर ने क्रिकेट जगत मचा दिया तहलका

करीब चार साल पहले दुनिया की निगाहें सचिन तेंदुलकर की आखिरी टेस्ट सीरीज पर थी. इस दौरान दो ऐसे खिलाड़ियों का टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण हुआ, जो भारत के भविष्य साबित हुए. नवंबर 2013 में वेस्टइंडीज की टीम भारत दौरे पर आई. दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट कोलकाता में खेला गया. 6 नवंबर को शुरू हुए उस टेस्ट मैच में जहां रोहित शर्मा ने शतक जमाकर अपने डेब्यू को यादगार बनाया, वहीं एक और क्रिकेटर ने पदार्पण करते हुए तहलका मचा दिया. तब 23 साल के उस ‘खतरनाक’ तेज गेंदबाज ने अपना नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज करा लिया. जी हां! बात हो रही है मोहम्मद शमी की. आज (3 सितंबर) उनका जन्मदिन है. वे 27 साल के हो गए.

ईडन गार्डन्स पर डेब्यू टेस्ट में बनाया रिकॉर्ड
उस सीरीज में पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग हासिल कर मो. शमी ने अपनी जबर्दस्त छाप छोड़ी थी. ईडन गार्डन्स में भुवनेश्वर कुमार के साथ तेज आक्रमण संभालने वाले यूपी के ही शमी ने वेस्टइंडीज की दूसरी पारी में 47 रन देकर 5 विकेट चटकाए थे. इसके साथ ही आबिद अली (55 रन देकर 6 विकेट) के बाद डेब्यू टेस्ट की एक पारी में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करने वाले भारत के दूसरे तेज गेंदबाज बन गए. सबसे बढ़कर उस टेस्ट मैच में डेब्यू करते हुए सर्वाधिक 9 विकेट (118 रन देकर) चटकाने वाले शमी भारत के पहले तेज गेंदबाज बन गए. तेज गेंदबाजों के डेब्यू टेस्ट की बात करें, तो भारत की ओर से इससे पहले 2006 में मुनाफ पटेल और 1967 में आबिद अली ने 7-7 विकेट लिये थे.
सर्वाधिक विकेट: डेब्यू टेस्ट में भारत के तेज गेंदबाज
Na Sathi Hai Na Hamara Hai Koi Na Kisi Ke Hum Na Hamara Hai KoiPar Apko Dekh Kar Keh Sakte Hain Ek Pyarasa humsafar hai Koi Happy new Year pic.twitter.com/YzBJmkiqha
— Mohammed Shami (@MdShami11) 31 December 2016
मो. शमी : 9 विकेट, 2013
मुनाफ पटेल: 7 विकेट, 2006
आबिद अली : 7 विकेट, 1967
वनडे डेब्यू में चार मेडन फेंकने का रिकॉर्ड
मो. शमी ने भारत की ओर से टेस्ट में पदार्पण से पहले वनडे में डेब्यू कर लिया था. मजे की बात है कि शमी ने अपने पहले ही वनडे में कीर्तिमान बना डाला. तब जनवरी 2013 में पाकिस्तान के खिलाफ दिल्ली में शमी ने चार मेडन ओवर फेंके. उनका गेंदबाजी विश्लेषण रहा- 9-4-23-1. यानी अपने डेब्यू वनडे में 4 मेडन ओवर फेंकने वाले वे विश्व के महज आठवें और भारतीय के पहले गेंदबाज बन गए.
…यूपी से बंगाल, जद्दोजहद का वो दौर
शमी का गांव (सहसपुर) यूपी के मुरादाबाद से 22 किलोमीटर की दूरी पर है. यहीं से वे ट्रेन पकड़कर मुरादाबाद कोचिंग के लिए आते थे. 2005 में उत्तर प्रदेश की अंडर-19 टीम में शामिल नहीं किए जाने पर शमी के कोच बदरुद्दीन ने उन्हें कोलकाता भेजा. वहां शमी पहले डलहौजी एथलेटिक क्लब और उसके बाद टाउन क्लब के लिए खेले. बंगाल की अंडर-22 टीम में शामिल होने के बाद शमी मोहन बागान क्लब से खेलने लगे. इसके बाद वे सौरव गांगुली के संपर्क में आए. आखिरकार 2010 में शमी को बंगाल की रणजी टीम में शामिल किया गया.
FACTS
-2014 में इंग्लैंड दौरे के टेंटब्रिज में शमी ने भुवनेश्वर के साथ 111 रन जोड़े, जो भारत की ओर से 10वें विकेट लिए दूसरी बड़ी साझेदारी रही.
– शमी ने 2015 वर्ल्ड कप में 17.29 की औसत से 17 विकेट निकाले, जो मिशेल स्टार्क (22), ट्रेंट बोल्ट (22) और उमेश यादव (18) के बाद सर्वाधिक रहा. शमी ने घुटने में चोट के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया.
– इसके बाद शमी को क्रिकेट मैदान पर वापसी करने में डेढ़ साल लग गए. वेस्टइंडीज में उन्होंने 4 टेस्ट में 11 विकेट लेकर अपनी वापसी का जश्न मनाया.
– 2014 मे शमी की शादी गर्लफ्रेंड हसीन जहां से हुई. कोलकाता की उस मॉडल से शमी की पहली मुलाकात शादी से दो साल पहले आईपीएल मैच के दौरान हुई थी. 2015 में शमी के घर बेटी ने जन्म लिया, जिसका नाम आयरा शमी रखा.
– टेस्ट करियर- 25, विकेट 86, वनडे- 49, विकेट 91, टी-20 इंटरनेशनल -7, विकेट 8





