कोरोना को लेकर रिसर्च में सामने आई ये बड़ी बात, ऐसे आया इंसानों में वायरस…

दुनिया में कोरोना वायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। साल 2020 में इस जानलेवा वायरस ने सबकुछ तबाह कर दिया। साल 2021 में भी इसने पीछा नहीं छोड़ा है। इसे लड़ने वैक्सीन आ गई है, लेकिन लोगों की लापरवाही के कारण संक्रमण दर कम नहीं हो रहा। वहीं वैज्ञानिकों कोविड-19 को लेकर लगातार रिसर्च कर रहे हैं। यह पता लगाया जा रहा कि इस वायरस उत्पन्न कहां से हुआ और कहां से आया हैं। इस बीच एक अध्ययन में पता चला है कि कोरोना वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने की क्षमता सबसे पहले उड़ने वाले स्तनपायी जानवर जैसे चमगादड़ में विकसित हुई होगी।

पीएलओएस बायोलॉजी नामक जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में कोरोना वायरस के हजारों अनुक्रमित जीनों का आकलन किया गया। जिसमें कहा गया है कि वायरस के एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने की क्षमता सबसे पहले उड़ने वाले स्तनपायी जानवर जैसे चमगादड़ में विकसित हुई होगी। इस दौरान यह पाया गया कि कोरोना महामारी के पहले 11 महीनों के दौरान वायरस में बहुत कम आनुवांशिक परिवर्तन हुए। हालांकि डी614जी म्यूटेशन में बदलाव और वायरस स्पाइक प्रोटीन के समान जुड़ाव ने इसकी जैविकी को प्रभावित किया है।

स्काटलैंड स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो सेंटर फॉर वायरस रिसर्च से ताल्लुक रखने वाले और अध्ययन के प्रमुख लेखक ऑस्कर मैक्लीन ने कहा कि इसका यह मतलब कतई नहीं निकाला जाना चाहिए कि वायरस में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। उधर, विज्ञानी इस बात को लेकर आश्चर्यचकित हैं कि कैसे कोरोना शुरुआत से संक्रमण की बड़ी वजह रहा है। अमेरिका स्थित टेंपल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और अध्ययन के सह लेखक सर्गेई पोंड ने कहा कि आमतौर पर वायरस जब किसी नई प्रजाति में प्रवेश करते हैं तो कोरोना वायरस की तरह संक्रामक बनने के लिए कुछ समय लेते हैं। कोरोना वायरस के म्यूटेशन का अध्ययन करने पर विज्ञानियों को कुछ महत्वपूर्ण परिवर्तन के सुबूत मिले, लेकिन यह सभी इंसानों में संक्रमण से पहले के थे। इस अवलोकन के आधार पर शोधकर्ताओं ने कहा कि कोरोना वायरस में इंसान और अन्य स्तनधारियों को संक्रमित करने की क्षमता पहले से ही मौजूद थी।

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