कोरोना की दूसरी लहर को लेकर आई ये बुरी खबर, बुखार में भी आया ये फर्क…

कोरोना की दूसरी लहर ने देश को बुरी तरह जकड़ रखा है. हर दिन कोरोना के नए मामले बढ़ते जा रहे हैं. पहली लहर की तुलना कोरोना की इस लहर में कई लक्षण भी अलग हैं. यही वजह है कि कई लोग इसे समझ नहीं पा रहे हैं और नजरअंदाज करने की वजह से स्थिति गंभीर हो जा रही है. AIIMS में पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर विजय हुड्डा ने ट्विटर पर कोरोना के कुछ नए लक्षणों के बारे में जानकारी दी है जिसे पहचान कर समय पर इलाज शुरू किया जा सकता है.

कोरोना के नए लक्षण- बुखार, गला खराब होना, जुकाम होना, शरीर-मांसपेशियों दर्द और थकावट जैसे आम लक्षणों के अलावा इस लहर में कुछ अन्य लक्षण भी देखे जा रहे हैं. कुछ मरीजों में दस्त, पेट में दर्द, बदन टूटना, उल्टी आना, स्ट्रोक और हार्ट अटैक जैसे नए लक्षण देखने को मिल रहे हैं.

डॉक्टर हुड्डा का कहना है कि कोरोना की पहली लहर में बुखार, सांस की दिक्कत या अन्य लक्षण वाले मरीज 5-7 दिनों में ठीक हो जाते थे. इस लहर में मरीजों को 10 दिनों तक भी बुखार रहता है.

डॉक्टर हुड्डा का कहना है पिछले एक साल से हम देख रहे हैं कि कोरोना किसी भी रूप में सामने आ सकता है. मरीजों को कुछ भी नया महसूस हो तो उन्हें अपने डॉक्टरों को तुरंत इसे बताना चाहिए. कुछ भी नया और अजीब महसूस हो तो उसे कोरोना का लक्षण ही मान कर चलना चाहिए.

डॉक्टर हुड्डा का कहना है कि आप जानकर हैरान होंगे कि कई बार आंखों का लाल होना भी कोरोना का लक्षण हो सकता है. आमतौर पर लोग इसे आम इंफेक्शन या कंजक्टिवाइटिस मान कर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन ये कंजक्टिवाइटिस कोरोना की वजह से भी हो सकता है.

डॉक्टर हुड्डा कहते हैं कि इस समय डॉक्टर को भी हर तरह के लक्षण को कोरोना का लक्षण ही मानकर चलना चाहिए और मरीजो को तुरंत कोरोना का टेस्ट कराने की सलाह देनी चाहिए. इसके बाद प्रोटोकॉल के तहत मरीज का इलाज शुरू कर देना चाहिए.

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