ये हैं दुनिया के सबसे महंगे टीके, कीमत जानकर उड़ जाएंगे आपके होश

पूरी दुनिया कोरोना वायरस से परेशान है. उसकी वैक्सीन आ रही हैं. कुछ बाजार में आने वाली हैं, कुछ आ चुकी है. अलग-अलग कंपनियों की कोरोना वैक्सीन के डोज की कीमत भी अलग है. अलग-अलग बीमारियों से बचाव के लिए दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने कई तरह की वैक्सीन यानी टीके विकसित किए हैं. आइए जानते हैं कि दुनिया की सबसे महंगे टीके यानी वैक्सीन कौन से हैं? इनके एक डोज की कीमत क्या होगी? ये किस बीमारी का इलाज करती हैं?

ट्विनरिक्स (Twinrix): 6961 रुपए प्रति डोज – ये वैक्सीन हेपटाइटिस-ए और हेपटाइटिस-बी से बचाव के लिए दी जाती है. इस दवा के कई ब्रांड्स मौजूद हैं, जिन्हें दुनिया भर की अलग-अलग दवा कंपनियां अपने प्रोडक्ट नेम से बनाती हैं.

मेनाक्ट्रा (Menactra): 8383 रुपए प्रति डोज –ये वैक्सीन खतरनाक बीमारी मेनिंगोकोकल मेनिनजाइटिस और मेनिंगोकोकल सेप्सिस के लिए उपयोग में लाई जाती है. इसे फ्रांस की सैनोफी दवा कंपनी इस ब्रांड नेम से बनाती है. आपको बता दें सैनोफी कंपनी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी पैसा लगा है.

प्रेवनार 13 (Prevnar 13): 10,105 रुपए प्रति डोज – यह वैक्सीन छोटे बच्चों के लिए होती है, जो उन्हें डिप्थीरिया समेत कई बीमारियों से बचाती है. इसका कॉम्बीनेशन है – Pneumococcal 13-valent Conjugate Vaccine (Diphtheria CRM 197 Protein). 0.5 मिलीलीटर की एक डोज 10,105 रुपए में मिलती है.

गार्डासिल (Gardasil): 10,555 रुपए प्रति डोज – दुनिया की इकलौती वैक्सीन है जो ह्यूमन पैपिलोमावायरस (Human Papillomavirus HPV) से लोगों को बचाती है. HPV यौन संबंध बनाने के दौरान होने वाला बेहद सामान्य संक्रमण है. यह पुरुष और स्त्री दोनों को हो सकता है, वह भी बिना पता चले.

वैरीसेला (Varicella): 11,752 रुपए प्रति डोज- यह वैक्सीन वैरीसेला वायरस से बचाती है. इसे सामान्य भाषा में चिकन पॉक्स कहते हैं. चिकन पॉक्स में शरीर पर लाल रंग के चकत्ते और दाने उभर आते हैं, जिनमें भयानक दर्द और खुजली होती है. वैरीसेला (Varicella) वायरस बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद खतरनाक होता है.

प्रोक्वाड (Proquad): 11,827 रुपए प्रति डोज- यह वैक्सीन 12 साल तक के बच्चों को लगाई जाती है. यह बच्चों को मम्मप्स, मीजल्स और रूबेला (mumps, measles and rubella) जैसी खतरनाक बीमारियों से बचाती है. आमतौर पर इसकी एक डोज काफी होती है लेकिन कई बार दूसरे डोज की जरुरत भी पड़ सकती है.

जोस्टावैक्स (Zostavax): 13,024 रुपए प्रति डोज – यह वैक्सीन 50 साल या उससे ऊपर के लोगों को शिंगल्स (Shingles) नाम की बीमारी से बचाती है. इस बीमारी को हर्पिस जोस्टर (Herpes Zoster) भी कहते हैं. यह बीमारी उसी वैरीसेला वायरस से होती है, जिससे चिकन पॉक्स होता है. लक्षण भी बीमारी के एक जैसे ही होते हैं.

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