ये हैं भारत के आस्था का प्रतीक जहां देवताओं के साथ बसता है देश का इतिहास

1. स्वर्ण मंदिर
पंजाब के अमृतसर में स्थित स्वर्ण मंदिर विश्व विख्यात है। सोने से बना यह गुरुद्वारा सिखों की आस्था का प्रतीक है। इतिहास पर नजर डालें तो सिखों के पांचवें गुरु अर्जुन देव जी ने लाहौर के एक सूफी संत साईं मियां मीर जी से दिसंबर 1588 में गुरुद्वारे की नींव रखवाई थी। सिखों के अलावा अन्य धर्मों के श्रद्धालु भी यहां दर्शन करने आते हैं। मंदिर के बाहर एक पवित्र सरोवर है जिसमें सभी भक्तगण डुबकी लगाकर आर्शीवाद प्राप्त करते हैं।

2. सांची स्तूप
मध्यप्रदेश में स्थित सांची का स्तूप सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है। यह भारत की सबसे प्राचीन संरचनाओं में से एक है। इसका निर्माण तीसरी शताब्दी में सम्राट अशोक ने करवाया था। बताते हैं कि कलिंग युद्ध में नरसंहार देख अशोक का मन विचलित हो गया था। उसने राज-काज छोड़ शांति के लिए बौद्ध धर्म अपना लिया और सांची के स्तूप का निर्माण करवाया। यह इमारत गुंबदनुमा है, और ऊपर छत्र का ताज पहनाया गया है।

3. बादामी गुफा मंदिर
कर्नाटक में स्िथत बादामी गुफा मंदिर अपनी सुंदर नक्काशियों के लिए जाना जाता है। ठोस चट्टानों को काटकर बनाए गए इस मंदिर की आंतरिक सज्जा विशिष्ट है। इस मंदिर में भगवान शिव के अर्धनारीश्वर और हरिहर अवतार की छवि बनाई गई है। हिंदू देवी-देवताओं के अलावा गुफा मंदिर में 4 जैन धर्म को समर्पित है जहां भगवान महावीर का बैठी अवस्था में एक चित्र है तथा साथ ही तीर्थंकर पार्श्वनाथ की छवि भी है।

4. वृहदेश्वर मंदिर
तमिलनाडु के तंजावुर का वृहदेश्वर मंदिर पूरी तरह से ग्रेनाइट का बना है। पूरी दुनिया में यह पहला और इकलौता मंदिर है जो ग्रेनाइट का बना हुआ है। यह मंदिर अपनी भव्यता, वास्तुशिल्प और केंद्रीय गुंबद के चलते पर्यटकों को खासा आकर्षित करता है। चोल शासनकाल में 1010 एडी में इस मंदिर को बनाकर तैयार किया गया था। यह मंदिर अपनी विशिष्ट वास्तुकला के लिए जाना जाता है।

5. लिंगराज मंदिर
उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर में स्थित लिंगराज मंदिर का इतिहास काफी पुराना है। इसे 10वीं या 11वीं शताब्दी में बनवाया गया था। यह मंदिर वैसे तो भगवान शिव को समर्पित है लेकिन शालिग्राम के रूप में भगवान विष्णु भी यहां मौजूद हैं। वास्तुकला की दृष्टि से लिंगराज मंदिर उड़ीसा के अन्य मंदिरों जैसा नजर आता है। बाहर से देखने पर मंदिर चारों ओर से फूलों के मोटे गजरे पहना हुआ सा दिखाई देता है।

6. टेराकोटा मंदिर
पश्चिम बंगाल में स्िथत विष्णुपुर एक प्रसिद्ध शहर है। यहां पर हजारों साल पहले मल्ल राजाओं का शासन हुआ करता था। वैष्णव धर्म के अनुयायी इन राजाओं ने 17वीं और 18वीं शताब्दी में मशहूर टेराकोटा मंदिर का निर्माण करवाया था। यहां के मंदिर बंगाल की वास्तुकला की जीती-जागती मिसाल हैं।






