युवक ने चीन की मशीनों पर निर्भर होने की बजाय खुद असेंबल किया मोटर कंट्रोलर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार मेंकिंग इंडिया पर जोर दे रहे हैं। इसके लिए वह जहां युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं तो उद्यमियों को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। ऐसे में पीएम मोदी की इस मुहिम को उत्‍तराखंड के ऊधमसिंहनगर जिले के खटीमा निवासी युवक विकास कुमार ने साकार करने की कोशिश की है। युवक ने चीन की मशीनों पर निर्भर होने की बजाय मोटर कंट्रोलर खुद असेंबल किया है।

ढाई महीने में तैयार की ई-बाइक

खटीमा के एक मध्यम परिवार के 23 वर्षीय विकास कुमार ने स्वदेशी कलपुर्जों से ई-बाइक बना दी। उन्होंने इसे ढाई महीने में तैयार किया है। उनका दावा है कि देश में जितने भी ई-बाइक कंपनियां हैं सभी में मोटर कंट्रोलर, बैटरी चीन आदि देशों की निर्मित हैं। उन्होंने अपनी ई-बाइक में मोटर कंट्रोलकर खुद असेंबल किया है।

70 से 75 हजार रुपए का आया खर्चा

खटीमा कंजाबाग रोड के दीप नारायण गुड्डू के बेटे विकास ने पिथौरागढ़ से बीटेक किया है। शुरू से पढ़ाई में मेधावी और कुछ नया करने की ललक ने स्टार्टअप और मेकिंग इंडिया मिशन की ओर आकर्षित किया। कुछ नया करने की सोच के साथ विकास ने ढाई महीने पहले ई-बाइक तैयार करने की ठान ली। उन्होंने बताया कि ई-बाइक पर करीब 70 से 75 हजार रुपए का खर्च आया।

डेढ़ घंटे चार्ज में चलेगी 100 किलोमीटर

विकास का दावा है कि 70 किलो के भार वाले व्यक्ति और पीछे एक गैस सिलेंडर बांधकर चलाऐंगे तो एक बार में चार्ज के बाद यह बाइक सौ किलोमीटर चल सकती है। बैटरी फुल चार्ज होने में डेढ़ से दो घंटे का समय लेगी। इसे करीब 60 की स्पीड तक चला सकते हैं।

ई-बाइक का पेटेंट जल्द

विकास बताते हैं कि ई-बाइक पर कई कंपनियां काम कर रही हैं। लेकिन अभी पेटेंट नहीं हुआ है। विकास ने बताया कि उनकी ई-बाइक के पेटेंट पर प्रोसेस चल रहा है। उसमे तीन से चार लाख खर्च होंगे, इतनी धनराशि उनके पास न होने के चलते विलंब हो गया था लेकिन अब उन्हें एक व्यक्ति ने सहयोग करने की बात कही है।

अब कार पर करेंगे नया प्रयोग

विकास बताते हैं कि ई-बाइक के बाद अब वे ई कार पर रिसर्च करने वाले हैं। बहुत जल्द उनका ये प्रोजेक्ट भी तैयार हो जाएगा।

स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज में चयन, 50 हजार की मिली सम्मान राशि

सात जनवरी 2022 को उत्तराखंड स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज फिनाले में विकास कुमार ने विजेताओं की टॉप टेन सूची में जगह बनाकर क्षेत्र व माता-पिता का नाम रोशन किया था। उद्योग निदेशालय देहरादून में आयोजित सम्मान समारोह में उद्योग मंत्री गणेश जोशी ने विजेताओं को सम्मानित किया था।

सरकार प्रोत्साहित करें तो तमाम प्रतिभाएं निखर सकती हैं : विकास

विकास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत को साकार करने की दिशा में राच्य की युवा पीढ़ी अच्छा काम कर रही है। मेरा मानना है कि सरकार के लिए ऐसे युवाओं को प्रोत्साहन देना चाहिए। सरकार ने सपोर्ट किया तो प्रदेश के युवा नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बन जाएंगे।

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