इस स्पिनर ने कहा- धौनी से बेहतर कोई नहीं, विराट को ज्यादा रहती है मेरी फिटनेस की चिंता

टीम इंडिया के स्पिनर कुलदीप यादव का मानना है कि उनकी गेंदबाजी को महेंद्र सिंह धौनी से बेहतर कोई परख नहीं सकता है। धौनी गुरुवार को श्रीलंका के खिलाफ जब सीरीज का चौथा वनडे खेलने उतरेंगे तो ये उनके करियर में वनडे की ट्रिपल सेंचुरी होगी।

‘चाइनामैन’ गेंदबाज कुलदीप श्रीलंका के खिलाफ पहले तीन वनडे मैचों में नहीं खेले, लेकिन सीरीज में विजयी बढ़त बनाने के बाद कुलदीप को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलने की उम्मीद है क्योंकि कप्तान विराट कोहली प्रयोग करने की कोशिश करेंगे। कुलदीप ने कहा, ‘मेरे जैसे युवा गेंदबाज पर एमएस धौनी के प्रभाव के बारे में बताने के लिए शब्द नहीं हैं।’
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उन्होंने कहा, ‘अगर आप उनसे बात करोगे, जैसे कि पिछले छह महीने से मैं कर रहा हूं, तो बेशक उनसे सीखने के लिए काफी कुछ मिलेगा। मैं अपनी गेंदबाजी को लेकर उनसे बात करता रहता हूं।’ कुलदीप ने कहा, ‘आपको परखने के लिए उनसे बेहतर कोई नहीं हो सकता है क्योंकि वो विकेट के पीछे से आपको देख रहे होते हैं। वो मुझे बताते रहते हैं कि क्या करने की जरूरत है। मुझे बेहद गर्व है कि मैं उनके साथ खेल रहा हूं और बेहद भाग्यशाली हूं कि उनके 300वें मैच में खेल सकता हूं।’
अनिल कुंबले और रवि शास्त्री की कोचिंग शैली के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘मैं इस पर अधिक ध्यान देता हूं कि टीम के लिए खुद में क्या सुधार कर सकता हूं। इसके लिए मैं अनिल सर से बात करता था और मैं इसी चीज के लिए रवि सर से बात करता हूं।’ वेस्टइंडीज दौरे पर पांचों वनडे मैचों में खेलने वाले कुलदीप को यहां अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है क्योंकि श्रीलंका के खिलाफ टीम ने अक्षर पटेल और युजवेंद्र चहल को मौका दिया है।

उन्होंने कहा, ‘अधिक मैच खेलने के साथ स्पिनरों में सुधार होता है। इसलिए पिछले छह महीने में इंटरनेशनल मैचों में गेंदबाजी करके मैंने काफी कुछ सीखा है। उदाहरण के लिए दबाव से कैसे निपटा जाए, खासकर जब आपके सामने बेहतर बल्लेबाज हो और वो अच्छा खेल रहा हो। अधिक मैच खेलकर ही आप ये सीख सकते हैं। कुलदीप ने कहा, ‘मैं इसे (प्रतिस्पर्धा को) सकारात्मक रूप से लूंगा क्योंकि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा टीम के लिए अच्छी है। जब मुझे मौका मिलेगा तो मैं भी अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगा, यही मेरा लक्ष्य है।’

टेस्ट से एकदिवसीय मैचों में मानसिकता में बदलाव के बारे में पूछने पर कुलदीप ने कहा, ‘लाल से सफेद गेंद से क्रिकेट में काफी बदलाव होता है। बल्लेबाज आप पर अधिक आक्रमण करने की कोशिश करते हैं क्योंकि वे अधिक रन बनाना चाहते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘टेस्ट मैचों में विकेटों के लिए आपको कड़ी मेहनत करनी होती है और वनडे मैचों में विकेट हासिल करने के लिए आपके पास सिर्फ 10 ओवर होते हैं। लेकिन बल्लेबाज आपके खिलाफ अधिक जोखिम उठाता है।’

भारत ने 2019 वर्ल्ड कप की तैयारी पहले ही शुरू कर दी है और इसे देखते हुए कुलदीप अपनी फिटनेस और फील्डिंग में सुधार करने को लेकर उत्सुक हैं। उन्हें हालांकि अपनी स्पिन गेंदबाजी की बदौलत ही कप्तान विराट कोहली का पूरा समर्थन हासिल है। उन्होंने कहा, ‘विराट भाई अन्य चीजों की तुलना में मुझे फिटनेस पर अधिक काम करने के लिए कहते हैं। लेकिन वो मुझे गेंदबाजी पर काम करने के लिए भी कहते हैं। ये अच्छा है कि कप्तान को मेरे ऊपर विश्वास है और वो कलाई के स्पिनरों पर भरोसा करते हैं। ये टीम के लिए भी अच्छा है। मुझे लगता है कि मेरे अंदर काफी सुधार हुआ है। जब मैं अंडर-19 भारतीय टीम के लिए खेलता था तो काफी फिट नहीं था। आज मैं महसूस करता हूं कि मैं कहीं अधिक फिट हूं।’





