MP: डकैती की बाद, डकैत ऐसे पहुंचे थे कपल के बेडरूम तक
इंदौर। लसूड़िया क्षेत्र की ड्रीम सिटी में गुरुवार रात हुई डकैती की वारदात कॉलोनी में लगे तीन सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। फुटेज के मुताबिक डकैत कॉलोनी की 10 फीट ऊंची दीवार फांदकर दंपति के बेडरूम तक पहुंचे थे, जहां अलग-अलग रूम में सो रहे पति-पत्नी के रूम के गेट को इन्होंने दुपट्टे से बांध दिया था।
– सीसीटीवी में नजर आ रहा है कि जहां से डकैत अंदर आए वह स्थान सिक्युरिटी गार्ड जिस गेट पर बैठते हैं वहां से करीब 100 मीटर दूर है। पांच से ज्यादा बदमाश रात 12.50 से सुबह 4.16 बजे तक कॉलोनी में डकैती डालते रहे। बावजूद इसके सुरक्षा गार्डों को पता नहीं चला। जबकि डकैती के पहले बदमाश करीब एक घंटे तक रैकी करते रहे। फिर सामान चुराकर जहां से अंदर घुसे थे वहीं से वापस भी चले गए। घटना को लेकर रहवासी दहशत में हैं।

फुटेज दिए पर बदमाश नहीं पकड़े
– रहवासी अोपी भटनागर ने बताया अगस्त में उनके घर चोरी हुई थी। फुटेज देने के बाद भी पुलिस ने बदमाशों को नहीं पकड़ा। इधर, डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की दो टीम कॉलोनी में पहुंची और फरियादी से पूछताछ की। टीम ने तीन-चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है। डीआईजी ने दो दिन में घटना का खुलासा करने का समय दिया है। जहां ये घटना हुई वहां पूरे रोड पर स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। इसमें में कुछ स्पॉट ऐसे हैं, जहां लाइटें बंद है। रहवासियों का कहना है कि 600 से 1000 रुपए महीने मेंटेनेंस के देते हैं फिर भी सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। दो गार्ड हैं वे भी बुजुर्ग।
गाड़ियों की आड़ में घूमते रहे
– बदमाशों के हाथों में पत्थर, बेसबॉल के बैट, लोहे की रॉड और हथौड़ी भी फुटेज में नजर आई है। वे घरों के बाहर खड़ी गाड़ियों के पीछे से ही पूरी कॉलोनी घूमे जहां वायवी श्रीनिवास रहते हैं। इसके पहले बदमाशों ने लगभग सभी घरों के दरवाजे चेक किए। उनके हाथों में टॉर्च भी थी। कुछ घरों के जाली के दरवाजे भी खोले।
ये है पूरा मामला
– लसूड़िया क्षेत्र की ड्रीम सिटी में गुरुवार रात करीब साढ़े 12 बजे 10 से ज्यादा बदमाश कॉलोनी में पहुंचे थे। एक निजी कंपनी के मैनेजर वायवी श्रीनिवास के बंगले का नकूचा तोड़ घर में घुसे। रात करीब 2.30 बजे तक बदमाश कॉलोनी में डकैती डालते रहे, इसके बावजूद सुरक्षा गार्डों के साथ पुलिस को भनक तक नहीं लगी। करीब पौने चार बजे मैनेजर की पत्नी उठीं तब वारदात का पता चला।
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– श्रीनिवास ने बताया कि हम लोग रात करीब 10 बजे सो गए थे। मैं पहली मंजिल पर मास्टर बेडरूम में सो रहा था, पत्नी वंदना, 13 वर्षीय बेटे श्रीकृष्ण के साथ दूसरे बेडरूम में सो रही थीं। सुबह करीब पौने 4 बजे पत्नी उठी तो बेडरूम का गेट नहीं खुला तो मुझे कॉल कर बताया। मैंने अपने कमरे का गेट खोलने का प्रयास किया तो वह भी नहीं खुला। बेटा उठा और उसने जोर से गेट खींचा तो गेट खुला। देखा तो वह बाहर से एक दुपट्टे से बंधा था। मेरे कमरे का गेट भी ऐसे ही बाहर से बंधा था। पत्नी और बेटे ने गेट खोला। बाहर देखा तो अलमारी गायब थी। कमरों के बाहर ही पत्थर, क्रिकेट-बेसबॉल के बेट, हथौड़ी, लोहे की रॉड मिली।
– श्रीवास ने कहाा कि यदि उस वक्त बाहर निकलते तो बदमाश मार भी डालते। हिम्मत करके नीचे आए तो अलमारी कंपाउंड के पास खाली मैदान में खुली पड़ी थी। जिसमें रखे ठंड के कपड़ों सहित करीब 40 हजार का सामान गायब था। शोर होने पर आसपास के लोग उठे। करीब 4 बजे लसूड़िया पुलिस और डायल-100 पर सूचना दी। 5 बजे के आसपास पुलिस पहुंची। पता चला कि पास के दो बंगलों के भी ताले टूटे हैं।





