विमान ने उड़ान भरी और आसमान में गायब हो गई, फिर 35 साल बाद जब लौटा तो…

 पूरी दुनिया रहस्यों से भरी पड़ी है। कुछ रहस्य तो ऐसे हैं कि उनको समझ पाना भी असंभव लगता है।आज हम आपको ऐसे ही एक रहस्य के बारे में बताने जा रहे हैं जिसको जानने के बाद आप दंग रह जाएगें। दरअसल, ये रहस्य एक फ्लाइट के गायब होने का है। हम बात कर रहे हैं सेंटियागो एयरलाइंस के फ्लाइट नंबर 513 की। साल 1954 में सेंटियागो एयरलाइंस के जहाज ने पश्चिमी जर्मनी के आकिन एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी लेकिन फ्लाइट ने कहीं भी लैंडिंग नहीं की।


जी हां, 04 सितंबर 1954 को 92 यात्रियों के साथ ये फ्लाइट लापता हो गई थी। Flight No. 513 को अपनी उड़ान के 18 घंटे बाद ब्राजील के पोर्टो एलेग्रे एयरपोर्ट पर लैंड करना था लेकिन ऐसा हुआ नहीं । विमान ने उड़ान भरी और आसमान में गायब हो गई।लाख कोशिशों के बाद भी इस विमान से कोई संपर्क नहीं हो पाया।

87 यात्रियों से भरे विमान के गायब होने की खबर ने पूरी दुनिया में हंगामा मचा दिया। विश्व की जानी मानी एजेंसियां विमान की खोज में लग गई। लेकिन विमान को कोई पता नहीं चला। यहां तक की विमान का मलबा भी कहीं पर नहीं मिल सका। खोजी टीमों ने विमान को पता लगाने के लिए दिन रात एक कर दिया था लेकिन कुछ भी पता नहीं चल पा रा था। बताया जाता है कि जब विमान से संपर्क टूटा था तब विमान अटलांटिक महासागर के ऊपर उड़ान भर रहा था।


लोगों ने मान लिया कि ये विमान अटलांटिक महासागर में हादसे का शिकार हो गया और विमान में सवार सभी 92 लोगों की मौत हो गई। लेकिन फिर एक चमत्कार हुआ। इस घटना के 37 साल बाद पोर्टो एलेग्रे एयरपोर्ट पर अचानक एक विमान दिखा, जो बिना किसी इजाजत के एयरपोर्ट पर लैंड करने जा रहा था। ये सब देखकर एयरपोर्ट के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

अधिकारियों ने जल्दी से उस रनवे को खाली करा दिया जिसकी ओर ये विमान आ रहा था, थोड़ी देर में विमान ने रनवे पर लैंड कर दिया। विमान के ऊपर सेंटियागो एयरलाइंस का नाम था और फ्लाइट का नंबर भी वहींं था जो 37 साल पहले पहले अटलांटिक महासागर के ऊपर से गायब हो गया था। ये देख कर एयरपोर्ट के अधिकारी घबरा गए। क्योंकि ये एयरलाइंस हादस के दो साल बाद यानी साल 1956 में बंद हो गई थी।


लैंडिंग करने के कुछ ही देर बाद इस विमान ने एक बार फिर उड़ान भरी और कुछ देर बाद आसमान में गायब हो गया। इसके बाद से दोबारा विमान का कोई पता नहीं चल पाया है। लापता विमान की खोज के लिए आज भी कई तरह की कोशिशें की जा रही हैं। बता दें साल 1989 में वर्ल्ड टैबलॉयड मैग्जीन ने इस विमान के बारे में पहली बार छापा था।ये घटना आज भी लोगों के लिए पहेली बनी हुई है।

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