बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि बसंत पंचमी पर होगी तय

उत्तराखंड स्थित विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि बसंत पंचमी यानी 14 फरवरी को नरेंद्रनगर (जनपद टिहरी) में विधि-विधान पंचांग गणना पश्चात निश्चित होगी। महाराजा मनुजयेंद्र शाह, लोकसभा सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय, राजकुमारी शिरजा शाह की उपस्थिति में राजपुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल, बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने तिथि का विनिश्चय करेंगे और महाराजा कपाट खुलने की तिथि की घोषणा करेंगे।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि परंपरागत रूप से राजमहल नरेंद्र नगर में तय होने के लिए 14 फरवरी को प्रात: दस बजे से धार्मिक समारोह शुरू हो जाएगा। पूजा-अर्चना, पंचाग गणना पश्चात दोपहर तक कपाट खुलने की घोषित हो जाएगी। इसी दिन तेल कलश यात्रा की भी तिथि तय हो जाएगी। डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के पदाधिकारी भगवान बद्री विशाल के अभिषेक हेतु प्रयुक्त होने वाले तेल कलश को योग बद्री पांडुकेश्वर एवं नृसिंह मंदिर जोशीमठ में पूजा के पश्चात 14 फरवरी को राजमहल के सुपुर्द करेंगे। डॉ. गौड़ ने बताया कि कपाट खुलने की तिथि तय होने के कार्यक्रम में बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार सहित मंदिर समिति सदस्यगण, डिमरी केंद्रीय पंचायत पदाधिकारी एवं बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल आदि मौजूद रहेंगे।

वहीं केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि शुक्रवार यानी आठ मार्च, शिवरात्रि के अवसर पर, पंच केदार गद्दी स्थल ओकारेश्वर मंदिर उखीमठ (रुद्रप्रयाग) में विधि-विधान, पंचांग गणना पश्चात तय होगी। इसी दिन, केदारनाथ भगवान के पंचमुखी भोगमूर्ति के केदारनाथ धाम प्रस्थान का भी कार्यक्रम तय हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अक्षय तृतीया शुक्रवार यानी 10 मई को है। परंपरागत रूप से गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया को खुलते है। अप्रैल माह में गंगोत्री मंदिर समिति एवं यमुनोत्री मंदिर समिति गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के विधिवत कपाट खुलने की तिथि एवं समय का ऐलान करेंगे।

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