राजस्थान में टूट पड़ा मानसून : ब्यावर में 9 इंच बारिश, अगले दो दिन भी भारी से अतिभारी बरसात का अलर्ट

राजस्थान में मानसून ने बुधवार को इस सीजन का सबसे प्रचंड रूप दिखाया। ब्यावर जिले के बदनोर में 24 घंटे के दौरान 225 मिमी (करीब 9 इंच) बारिश दर्ज की गई, जो इस मानसून की अब तक की सबसे अधिक वर्षा है। भारी बारिश से खेत जलमग्न हो गए, बरसाती नदियों में उफान आ गया और कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।
अजमेर, भीलवाड़ा और आसपास के इलाकों में भी 3 से 5 इंच तक बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा डूंगरपुर, बांसवाड़ा, नागौर, बूंदी, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, भरतपुर, अलवर और पाली के कई क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई।
दो दिन और भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। मानसून ट्रफ सामान्य स्थिति में बनी हुई है और उत्तर-पूर्वी राजस्थान के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) के कारण अगले दो दिनों तक प्रदेशभर में बारिश का दौर जारी रहेगा। दक्षिणी और पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में भारी से अतिभारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
गुरुवार के लिए 11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अधिकांश अन्य जिलों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 25 जुलाई के बाद पश्चिमी राजस्थान में बारिश की तीव्रता कुछ कम हो सकती है।
ब्यावर में सबसे ज्यादा असर
सबसे अधिक बारिश ब्यावर जिले के बदनोर क्षेत्र में दर्ज की गई, जहां 225 मिमी पानी बरसने से खेतों और खुले इलाकों में जलभराव हो गया। लगातार बारिश से बरसाती नदियां उफान पर हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन भी प्रभावित हुआ।
बड़े शहरों में भी बारिश से राहत
राजधानी जयपुर में दूसरे दिन भी रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहा। सांभर में सबसे अधिक 52 मिमी वर्षा दर्ज की गई। अजमेर में 79 मिमी बारिश हुई, जबकि उदयपुर में करीब एक घंटे की तेज बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अलवर, कोटा और सीकर में भी बारिश के कारण लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, हालांकि कुछ इलाकों में दिनभर बादल छाए रहे।
तापमान में गिरावट, मौसम सुहावना
लगातार हो रही बारिश के कारण अधिकांश शहरों के अधिकतम तापमान में कमी आई है। कोटा का अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री, उदयपुर का 30.4 डिग्री, अलवर का 30 डिग्री और अजमेर का 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटे तक प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेज बनी रहेंगी।





