इकलौता मोबाइल नंबर, जिसने ली कई लोगों की जान, जिस-जिसके पास गया, वो मर गया

आज के समय में मोबाइल फोन होना बेहद आम बात है. बच्चों से लेकर बूढ़ों तक के पास आज मोबाइल फोन होता है. पर क्या आपने कभी सुना है कि फोन के नंबर की वजह से किसी की जान चली जाए? लोग तो ध्यान भी नहीं देते कि उनके फोन का क्या नंबर है, वो सिर्फ उसे इस्तेमाल करते हैं. पर कुछ सालों पहले एक फोन नंबर चर्चा में आया, जिसको लेकर दावा किया गया कि वो भूतिया नंबर है. भूतिया (Haunted phone number) इस वजह से क्योंकि जिस किसी ने भी उस नंबर का प्रयोग किया, उसकी जान चली गई. इस वजह से नंबर को ही बैन कर दिया गया.

डेली मेल न्यूज वेबसाइट की साल 2010 की रिपोर्ट के अनुसार बलगेरिया (Bulgaria mobile company haunted phone number) में एक मोबाइल फोन कंपनी थी, जिसका नाम था मोबीटेल. इस कंपनी ने एक फोन नंबर जारी किया था. इस फोन नंबर को सबसे पहले कंपनी के सीईओ व्लादिमीर ग्राशनोव (Vladimir Grashnov) इस्तेमाल करते थे. पर 48 साल की उम्र में कैंसर की वजह से उनकी मौत हो गई. यूं तो उनकी कोई दुश्मनी नहीं थी, पर चर्चा ये शुरू हो गई कि उनके किसी व्यवसायिक दुश्मन ने रेडियोएक्टिव पदार्थ खिलाकर उनकी जान ले ली.

3 लोगों की जा चुकी है जान
इसके बाद ये नंबर बलगेरिया के माफिया Konstantin Dimitrov के पास पहुंच गया. साल 2003 में जब डिमिट्रॉव जब अपने अरबों के ड्रग्स व्यापार का निरीक्षण करने नीदरलैंड गया था, तब किसी ने उसकी हत्या कर दी. उस वक्त शख्स की उम्र सिर्फ 31 साल थी. उसके पास वो फोन नंबर उस वक्त मौजूद था. वो अपनी मॉडल गर्लफ्रेंड के साथ खाना खा रहा था, जब उसे गोली मारी गई. उसके पास से वो फोन नंबर पहुंचा एक शातिर व्यापारी Konstantin Dishliev के पास. उसे साल 2005 में बलगेरिया के सोफिया शहर में भारतीय रेस्टोरेंट के बाहर गोली मारी गई थी. वो कोकेन की खरीद-फरोख्त का काम किया करता था. तब से नंबर किसी के पास नहीं है और पुलिस लगातार केस की छानबीन कर रही है.

क्या है वो नंबर?
रिपोर्ट के मुताबिक 2010 तक इस नंबर को ही बंद कर दिया गया था. अब चलिए जब हमने आपको इस नंबर के कारण हुई मौतों के बारे में बता दिया है तो नंबर भी बता देते हैं. ये नंबर था +359 888 888 888 जिसमें +359 बलगेरिया देश का कोड है. जब वेबसाइट ने मोबाइल कंपनी से नंबर के बारे में बात की थी, तो उन्होंने चर्चा करने से मना कर दिया था, उनका कहना था कि वो इस तरह की कोई भी चर्चा नहीं करना चाहते.

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