नोटों की छपाई कर रहा अधिकारी चुरा रहा था रिजेक्ट नोट, जूतों में डाल ले गया 90 लाख रुपए

भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए मोदी सरकार ने 500 और 1000 रूपए के नोटों को बंद कर दिया लेकिन भ्रष्टाचार बंद नहीं हुए। इस बार नोट छापने वाली प्रेस के अंदर ही एक अधिकारी द्वारा भ्रष्टाचार का हैरतअंगेज मामला सामने आया है। मामला मध्य प्रदेश के देवास बैंक नोट का है। देवास बैंक में कई महीनों से पुरानी करेंसी चुराने का सिलसिला चल रहा था। देवास बैंक नोट प्रेस में डिप्टी कंट्रोलर मनोहर वर्मा 200 रूपए के नोटों की दो गड्डियों के साथ पकड़ा गया। इस गिरफ्तारी के बाद पुराने सारे करतूत खुलकर सामने आए।

आपको जानकर हैरानी होगी कि अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद ऑफिस के डस्टबिन से करीब 26 लाख के नए नोट बरामद किए गए।
बता दें कि इस खुलासे के बाद अधिकारी के घर की भी तलाशी ली गई। चौंकाने वाली बात तो ये है कि वह केवल उन नोटों को चुराता था जो आमतौर पर रिजेक्टेड होते थे। जिस वक्त अधिकारियों ने मरोहर वर्मा के घर पर थापा मारा अधिकारियों के होश उड़ गए। घर में जूतों के डिब्बों में यहां तक की कपड़ों की थैलियों में 64 लाख के नए नोट मिले। मनोहर वर्मा सुपरवाइजर स्तर का अधिकारी था, जहां वह काम करता था वहां रिजेक्टेड नोटों की छंटाई की जाती थी। मनोहर वर्मा नोट वेरिफिकेशन सेक्शन का हेड है।
इस बात का खुलासा अब तक नहीं हुआ था क्योंकि मनोहर वर्मा एक ऊंचे पद का अधिकारी था। उसके ऊंचे पद को देखते हुए ना तो कोई उसकी तलाशी लेता था और ना तो उसके कपड़ों की जांच होती थी। इसी का फायदा उठाकर मनोहर वर्मा कपड़ों और जूते में छिपाकर नोटों की चोरी करता था। फिलहाल आरोपी अधिकारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद मनोहर ने नोट चुराने बात कबूल कर ली है। उन्होंने ये भी कहा कि सर्दियों में वह जैकेट में छिपाकर नोट ले जाता था।
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एक दिन पहले ही सीआईएसएफ के एक जवान को मनोहर वर्मा को डस्टबिन में कुछ फेंकते हुए शक हो गया। दरअसल मनोहर वर्मा ने डस्टबिन के पास लकड़ी का एक बॉक्स रख रखा और वह सिक्योरिटी गार्ड्स की निगाह बचाकर नोटों की गड्डी उसी बॉक्स में फेंक देता था। बाद में जब मौका लगता वह नोटों की गड्डियों को कपड़ों और जूतों में छिपा देता। सीआईएसएफ के जवान को जब मनोहर वर्मा पर बार-बार डस्टबिन में कुछ फेंकने को लेकर शक हुआ तो उसने अपने उच्च अधिकारी को सूचित किया।अधिकारियों ने मनोहर वर्मा को रंगेहाथों पकड़ने के लिए वहां लगे मूवेबल सीसीटीवी कैमरे को डस्टबिन की ओर फिक्स कर दिया। बस अगले ही दिन यानि शुक्रवार को मनोहर वर्मा लकड़ी के बक्से में नोट की गड्डी फेंकते हुए रंगेहाथों पकड़ लिए गए।





