देश की दशा और दिशा बदलेगी नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति

  • “नेशनल एजुकेशन पॉलिसी इन सेकेंडरी एंड हायर एजुकेशन सिस्टम” विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित
  • महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, नोएडा कैम्पस में जुटे देश भर से जाने-माने शिक्षाविद

नोएडा। अब हर बच्चे का संपूर्ण विकास होगा। वे पढ़ाई में बेहतर होंगे। खुद की योग्यता के हिसाब से खेल-कूद या रचनात्मक क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे। अपनी पसंद के विषय चुन सकेंगे। उनके सपनों को पूरा करने के रास्ते में आर्थिक या मानसिक परेशानी नहीं आयेगी। क्योंकि नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (New national education policy 2020) में हर वो प्रावधान किये गये हैं जो छात्र-छात्राओं के भविष्य को संवारेंगे। बस जरूरत है इस राष्ट्रीय शिक्षा नीति का सही ढंग से क्रियान्वयन किया जाए। विचारों का यह निष्कर्ष रविवार को महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (एमयूआईटी) नोएडा कैम्पस में निकल कर सामने आया। यहां “नेशनल एजुकेशन पॉलिसी इन सेकेंडरी एंड हायर एजुकेशन सिस्टम” (National Education Policy In Secondary And Higher Education System) विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में विशेषज्ञों ने नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं पर मंथन किया।


राष्ट्रीय शिक्षा नीति बदलेगी लोगों की पारंपरिक सोच : डॉ एसएन सिंह

सेमिनार की शुरुआत गुरु पूजन और सरस्वती पूजा के साथ हुई। सेमिनार में एसडी पीजी कॉलेज मुजफ्फरनगर के एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ एसएन सिंह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy) में फिजिकल एजुकेशन के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि अमेरिका सहित कई विकसित देशों में अगर किसी को जॉब मिलती है तो वहां पहले फिजिकल फिटनेस टेस्ट पास करना होता है। अपने देश की नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में फ़िजिकल एक्टिविटीज़ और खेल पर काफी जोर दिया गया है ताकि बच्चा शुरू से उस खेल में मजबूत हो। इसलिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में अलग-अलग तरह की साइंस शामिल की गई हैं। उन्होंने कहा कि 70 प्रतिशत खेल अब स्पोर्ट्स साइंस पर आधारित हो गए हैं। फिजिकल फिटनेस बहुत जरूरी है। बच्चे में फाइबर्स, वाइट मसल्स फाइबर को पहचानना होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में फिजिकल एजुकेशन के टीचर्स को ट्रेंड किया जायेगा। ऐसी बहुत सी व्यवस्थाएं की गयी हैं जिनके मुताबिक खेल और पढ़ाई दोनों में बच्चे का बेस मजबूत कर उसे उसकी योग्यता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। फिजिकल एजुकेशन फिजिकल एक्टिविटी पर आधारित होती है। डॉ एसएन सिंह ने कहा कि नयी एजुकेशन पॉलिसी लोगों की पारंपरिक सोच को भी बदलेगी। उन्होंने इस नीति को लागू करने की कुछ चुनौतियों पर भी चर्चा की।


अब शिक्षा सबकी पहुँच में होगी : डॉ विनीत त्यागी

डीएवी कॉलेज, मेरठ में फ़िजिकल एजुकेशन के विभागाध्यक्ष डॉ विनीत त्यागी ने कहा कि नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति सेकेंडरी और हायर दोनों तरह की शिक्षा में स्टूडेंट्स का संपूर्ण विकास करेगी। भारतीय संस्कारों को बढ़ाएगी। भारत को दुनिया में एजुकेशन में सुपर पॉवर बनाना है। शिक्षा की गुणवत्ता पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। शिक्षा सबकी पहुँच में होगी, सभी उसे अफोर्ड कर सकेंगे। डॉ त्यागी ने इस बात पर जोर दिया कि अब पढ़ने और पढ़ाने की जवाबदेही तय होगी। टीचर क्या और कैसे पढ़ाएंगे, इसकी जिम्मेदारी तय होगी। बच्चे अपनी पसंद के अनुसार सब्जेक्ट चुन सकेंगे। कांसेप्ट क्लियर होना चाहिए। अलग तरह की सोच भी पैदा होगी। उन्होंने कहा कि 100 प्रतिशत बच्चों को वर्ष 2030 तक शिक्षा में शामिल कर लिया जायेगा। यानि हर बच्चा साक्षर होगा। दो करोड़ बच्चे अभी भी शिक्षा से वंचित हैं। इन्हें शिक्षा में शामिल करना है। डॉ त्यागी ने कहा कि नयी शिक्षा नीति के तहत अब अगर टीचर बनना है तो इंटर के बाद तय कर लेना होगा। चार साल का बीएड करना होगा। अब हर बच्चा अपने आपको मार्क्स देगा। यह भी बड़ा बदलाव है। उसके दोस्त भी एक दूसरे को मार्क्स देंगे।

बच्चे अपनी रूचि के हिसाब से आगे बढ़ेंगे : डॉ अरुण त्यागी

छाया पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर डॉ अरुण त्यागी ने सेमिनार में कहा कि शिक्षा नीति में बदलाव बेहद जरूरी था। राष्ट्रीय शिक्षा नीति देश की दशा और दिशा दोनों बदलेगी। बच्चों को अपनी भाषा का पूर्ण ज्ञान हो जाएगा। अब बच्चे अपनी रूचि के हिसाब से आगे बढ़ेंगे। चाहे वह पढ़ाई की बात हो या खेल की।


स्टूडेंट्स की प्रतिभा पहचानना टीचर्स का काम : डॉ मेजर मनोज गौड़

डीपीएस मेरठ के डॉ मेजर मनोज गौड़ ने सेमिनार में कहा कि हम बतौर शिक्षक स्टूडेंट्स को गाइड करें कि वह कैसे बेहतर ढंग से पढ़ें या वे अपनी क्षमता के हिसाब से क्या खेलें। यह प्रतिभा पहचानना टीचर्स का काम है। हमें शिक्षा के साथ अपना ज्ञान बढ़ाना होगा। नयी शिक्षा नीति से अब हर बच्चे को अपनी क्षमता के हिसाब से आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। सबको शिक्षा मिलेगी। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी। भारतीय संस्कारों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों की सोच को पॉजिटिव रखना होगा। यह भी इस पॉलिसी में है।


हर बच्चे पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जाएगा : डॉ मनमोहन शर्मा

सेमिनार में दीवान इंटरनेशनल स्कूल, मेरठ में स्पोर्ट्स के विभागाध्यक्ष डॉ मनमोहन शर्मा ने कहा कि नयी एजुकेशन पॉलिसी हर बच्चे में ऐसी भावना को विकसित करना चाहती है कि वह रोज किसी न किसी फिजिकल एक्टिविटी में शामिल हो। उसका स्वस्थ्य रहना जरूरी है। इसके साथ ही पॉलिसी का मकसद है कि हमारे स्टूडेंट्स हर फील्ड में ग्लोबल लेवल पर सर्वश्रेष्ठ बनें। ताकि उन्हें सर्वश्रेष्ठ मौके मिलें। हर बच्चे पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जाएगा।


महर्षि यूनिवर्सिटी के नोएडा और लखनऊ कैम्पस में संवरती है स्टूडेंट्स की तकदीर
सेमिनार का संचालन एमयूआईटी की डॉ मुदिता अग्रवाल ने किया। एमयूआईटी की डॉ तृप्ति अग्रवाल ने महर्षि यूनिवर्सिटी के नोएडा और लखनऊ कैम्पस में उपलब्ध कोर्स और पढ़ाई व प्लेसमेंट के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर एमयूआईटी के डीन एकेडेमिक्स प्रो अजय कुमार के अलावा डॉ रतीश गुप्ता, एसोसिएट प्रोफेसर हरेंद्र कुमार, प्रोफेसर डॉ अशोक कुमार, डॉ अनुज कुमार और सुधांशु आदि मौजूद रहे।

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