कोविड डेथ को लेकर सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन, अगर 30 दिन के भीतर…

केंद्र सरकार ने कहा है कि कोविड-19 पॉजिटिव होने के 30 दिन के भीतर अगर किसी मरीज की मौत हॉस्पिटल या घर में हो जाती है तो उसके डेथ सर्टिफिकेट पर मौत की वजह कोविड-19 ही बताई जाएगी. इसकी जानकारी शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक एफेडेविट फाइल करके केंद्र सरकार ने दी और इसकी गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है कि किन मरीजों की मौत को कोरोना डेथ माना जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश जारी किया था कि कोविड से मौत के मामले में डेथ सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया आसान बनाए और इसके लिए गाइडलाइंस जारी करे. इसके अलावा कोर्ट ने नई गाइडलाइन की रिपोर्ट को 11 सितंबर को कोर्ट के सामने पेश करने का भी निर्देश दिया था. 

सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन…
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 30 जून को निर्देश दिया था कि जिन लोगों की मौत कोरोना की वजह से हॉस्पिटल या कहीं और भी हुई है, उन्हें कोविड-19 से हुई मौतें मानने का विचार किया जाए. इसके साथ ही सरकार को इस पर स्पष्ट रूपरेखा बनाने का भी निर्देश दिया था. 

सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय और इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने 3 सितंबर को नई गाइडलाइन जारी की थी और अब सरकार ने कोविड-19 से होने वाली मौतों के लिए नया सर्कुलर जारी किया है, जिसके मुताबिक कोरोना की पुष्टि होने के बाद अगर कोई मरीज हॉस्पिटल से डिस्चार्ज भी हो जाए तो भी टेस्ट के 30 दिनों के भीतर बाहर मौत होने पर कोविड डेथ माना जाएगा.

केवल कोरोना से हुई मौत को ही माना जाएगा कोविड डेथ
नई कोविड डेथ की गाइडलाइंस के मुताबिक आरटीपीसीआर टेस्ट या एंटीजन टेस्ट या फिर क्लिनिकल तरीके से टेस्टिंग में पुष्टि होने पर ही कोविड का रोगी माना जाएगा. इसके अलावा अगर मौत का कारण जहर, आत्महत्या या एक्सिडेंट है तो उसे कोविड डेथ नहीं माना जाएगा चाहे कोविड टेस्ट में इसकी पुष्टि हुई भी हुई हो.

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